उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के सिराथू तहसील क्षेत्र के तरसौरा गांव में तेज आंधी के बाद अचानक लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी. आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते 12 परिवारों के घर इसकी चपेट में आ गए और पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई. जानकारी के अनुसार सबसे पहले आग शिवबालक पुत्र मसूरियादीन के घर में लगी. तेज हवा के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और आसपास के घर भी इसकी चपेट में आ गए. इसके बाद सुखदेव, कलावती, नोखेलाल, गोरेलाल, पिंटू, फूला देवी, सेठ लाल, इंदल, बीरेंद्र, लक्ष्मण और प्रेम के घर भी जलने लगे.
ग्रामीणों ने आग बुझाने के लिए बाल्टी, पाइप और हैंडपंप का सहारा लिया, लेकिन तेज हवा के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका. लोग लगातार प्रयास करते रहे, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई और स्थिति बेकाबू हो गई. सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके के लिए रवाना हुईं, लेकिन रास्ते में हिसामपुर परसखी गांव के पास बड़ा पेड़ गिर जाने से रास्ते में रुकावट आई. ग्रामीणों ने पेड़ की डालियां काटकर रास्ता साफ किया, जिसके बाद दमकल की गाड़ियां घटनास्थल तक पहुंच सकीं.
आग ने देखते ही देखते कई घरों को चपेट में लिया
ग्रामीणों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड आधा घंटा पहले पहुंच जाती तो नुकसान कुछ कम हो सकता था. आग इतनी तेज थी कि छप्पर और भूसा सबसे पहले जलकर राख हो गए और फिर आग कमरों तक पहुंच गई. घर के अंदर रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, चारपाई और अन्य घरेलू सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया. शिवबालक की एक भैंस लोहे के बाड़े में बंधी होने के कारण बाहर नहीं निकल सकी और उसकी जलकर मौत हो गई, जबकि दूसरी भैंस रस्सी तोड़कर किसी तरह बच निकली.
प्रशासन ने पीड़ितों को मदद का आश्वासन दिया
ग्रामीणों के अनुसार प्रत्येक परिवार को करीब 50 हजार से एक लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है. सूचना पर शहजादपुर चौकी प्रभारी जनार्दन सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला. इसके बाद एसडीएम सिराथू योगेंद्र कुमार गौड़, तहसीलदार सत्येंद्र तिवारी और कोखराज थाना अध्यक्ष चंद्रभूषण मौर्य ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया और राजस्व टीम को नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए.
अखिलेश कुमार