यूपी के कानपुर में नवरात्र के दौरान चल रहे मेले में दुकान लगाने को लेकर विवाद हो गया. बजरंग दल ने तीन दिन पहले कमिश्नर को ज्ञापन देकर दिया था और कहा था कि किसी भी मंदिर पर लगने वाले मेले में मुस्लिम समुदाय के लोगों की दुकानें न लगें. शनिवार की रात कानपुर के प्रसिद्ध तपेश्वरी माता मंदिर के मेले में बजरंग दल के दर्जनों कार्यकर्ता पहुंच गए. इस दौरान सिंदूर की दुकान लगाए एक मुस्लिम दुकानदार से उसका नाम पता पूछा और वहां से दुकान हटवा दी.
बजरंग दल कार्यकर्ताओं का आरोप था कि इससे पहले कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग यहां पहुंचे थे और तीन हिंदू दुकानदारों को से दुकान हटाने को कहा था और कहा था कि यहां हम दुकान लगाएंगे. एक महिला से भी कहा था कि सुबह यहां से दुकान हटा लेना. महिला ने आरोप लगाया कि उसे कुछ लोगों ने आकर धमकी दी थी कि यहां से दुकान हटाओ, सुबह हम दुकान लगाएंगे.
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बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना था कि इन्हीं लोगों की सूचना पर हम आए हैं. जब यह लोग सिंदूर लगाते नहीं, देवी-देवताओं को मानते नहीं हैं तो इन्हें दुकान लगाने की क्या जरूरत.
इस दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की मेले में तैनात पुलिस कर्मियों, दारोगा से बहस भी हुई. बजरंग दल के नेता शिवम सोनकर का कहना था कि हमने पहले ही पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देकर कह दिया था कि हम यहां मेले में किसी मुस्लिम दुकानदार को दुकान नहीं लगाने देंगे. इसके बावजूद कुछ लोगों ने हमारे दुकानदारों को हटाकर अपनी दुकान लगवाई. एक-दो दुकानदारों को पीटा भी है.
कार्यकर्ताओं ने कहा कि इसी सूचना पर हम आए हैं. हमने पुलिस को भी जानकारी दे दी है. हम मेले में किसी भी अन्य समुदाय की दुकान नहीं लगने देंगे. हमने दुकानदार को हटाया है. तपेश्वरी मेला सैकड़ों साल से लगता है .इस मामले पर पुलिस का कोई अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है.
इस मामले पर डीसीपी सिटी सत्यजीत गुप्ता को फोन कर मामले की जानकारी चाही, तो उन्होंने कहा कि मेरे नॉलेज में कुछ नहीं, मैं पता करके बताता हूं. बजरंग दल के नेता शिवम सोनकर ने अपने समर्थकों के साथ मेले में पहुंचकर कहा कि अन्य समुदाय का व्यक्ति यहां दुकान न लगाए.
रंजय सिंह