कोई भी शादी हो, तो दूल्हा तो दुल्हन को लेने जाता है लेकिन बराती खाने-पीने ही जाते हैं.कानपुर में एक निकाह में खाने-पीने में चिकेन के करी लेग पीस कम हो गए तो विवाद इतना बढ़ गया कि निकाह करने आई बरात के वापसी जाने की नौबत आ गई. यहां बरातियों में और लड़की के परिवार वालों में मारपीट भी हो गई.
मौके पर पुलिस पहुंची तो समझौता हुआ. फिर दोनों पक्षों के लोगों ने एक दूसरे से विवाद के लिए माफी मांगी और निकाह हो गया. खास बात यह रही कि लेग पीस को लेकर जो विवाद हुआ था उसमें जब लड़की पक्ष ने चेक कराया तो हलवाइयों के पास काफी मात्रा में लेग पीस थे जो बारातियों के लिए स्पेयर रखे गए थे. बाद में उनको खाने की टेबल पर लगाया गया.
बरातियों को घट गए डोंगे में रखे लेग पीस
कानपुर के बिलोरी इलाके में शनिवार की रात को एक परिवार में बेटी का निकाह था. यहां बारात बारह मऊ इलाके से आई थी. बरात आने के बाद जय माल का कार्यक्रम शुरू हुआ, उसके बाद मौलवी की रस्म पूरी होनी थी. इधर बराती दूर से यात्रा करके आए थे तो सीधे खाने की टेबल पर पहुंच गए. अमूमन होता भी यही है कि बरात में आए लोग ज्यादातर पहले पेट पूजा करते हैं फिर लड़की का जयमल और निकाह देखने के बारे में सोचते हैं .यहां निकाहनामे की दावत में भी यही हुआ. लेकिन खाने की टेबल के ऊपर डोंगे में रखे लेग पीस गायब हो गए. लड़की पक्ष ने बारातियों की संख्या के हिसाब से पूरी व्यवस्था की थी लेकिन डोंगे खाली हो गए तो बवाल मच गया.
'रखे थे लेगपीस, आप लोग पहले ही खा गए'
दूल्हे के चाचा ने लड़की पक्ष से और लेग पीस के डोंगे मंगवाने को कहा, इस पर लड़की पक्ष के चाचा ने कहा कि यहां तो डोंगे भरे हुए रखे थे, बाराती सब पहले ही उठा कर खा गए. यही बात लड़के वालों के ईगो पर लग गई. फिर बात इतनी बढ़ गई कि आपस में मारपीट शुरू हो गई.विवाद इतना बढ़ गया कि लड़के पक्ष में बारात वापस ले जाने की धमकी दे दी. इस दौरान लड़की पक्ष ने भी गर्मी दिखाते हुए कहा- ले जाओ बरात लेकिन हमारा जितना खर्चा हुआ है वह सब वापस करो.
पुलिस ने कराया समझौता
इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी. एसीपी मंजय सिंह ने तुरंत एक पुलिस टीम मौके पर भेजी. पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया और समझाया कि एप्लीकेशन देंगे तो दोनों पक्षों पर कार्रवाई होगी लेकिन जरा सी की बात पर निकाह छोड़ना ठीक नहीं है.
परोसे गए स्पेयर रखे लेग पीस
इसके बाद लड़की पक्ष लड़के पक्ष दोनों पक्षों के लोगों को बैठाया गया. दोनों पक्ष एक दूसरे के रिश्तेदार पहले से थे, ऐसे में बड़े बुजुर्गों ने पंचायत की. खाने की बात पर लड़की पक्ष ने अंदर जाकर चेक किया तो वहां बहुत से लेग पीस के रखे थे. उन सबको उठाकर लगाया गया. इसके बाद पुलिस के हस्तक्षेप से और दोनों बच्चों के बड़े बुजुर्गों की सहमति से निकाहनामे की कार्रवाई हुई. एसीपी मंजय सिंह का कहना है- दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, मौके पर पुलिस गई थी. दोनों बच्चों को समझा बुझकर मामले को शांत कर दिया गया. कुछ देर बाद निकाहनामा हो गया.
रंजय सिंह