आहूजा हॉस्पिटल में CCTV बंद, चेहरे पर मास्क... ऑपरेशन के बाद कहां भागे कानपुर किडनी कांड के डॉक्टर? लुकआउट नोटिस जारी

Kanpur Kidney Racket: कानपुर के अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट में पुलिस ने फरार चार डॉक्टरों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है. आहूजा अस्पताल में ऑपरेशन के बाद आरोपी डॉक्टर टैक्सी से लखनऊ और गाजियाबाद फरार हो गए. पुलिस को बड़े अस्पतालों से कनेक्शन होने का शक है, जिसके चलते कई शहरों में छापेमारी जारी है.

Advertisement
कानपुर में पुलिस ने किया किडनी रैकेट का पर्दाफाश (Photo- ITG) कानपुर में पुलिस ने किया किडनी रैकेट का पर्दाफाश (Photo- ITG)

सिमर चावला

  • कानपुर ,
  • 02 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 12:44 PM IST

कानपुर पुलिस अवैध किडनी ट्रांसप्लांट नेटवर्क में शामिल उन डॉक्टरों की तलाश कर रही है जिन्होंने आयुष और पारुल का ऑपरेशन किया था. आरोपी रोहित ने इन डॉक्टरों की व्यवस्था की थी, जो सर्जरी के बाद दो अलग-अलग टैक्सियों से गाजियाबाद और लखनऊ रवाना हो गए. 

लखनऊ जाने वाली गाड़ी का ऑनलाइन पेमेंट होने से पुलिस को अहम सुराग मिले हैं, जबकि गाजियाबाद जाने वाली टैक्सी का भुगतान नकद किया गया. डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी के नेतृत्व में टीमें मेरठ, नोएडा और देहरादून में दबिश दे रही हैं ताकि इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके.

Advertisement

सीसीटीवी बंद और चेहरे पर मास्क

जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आहूजा अस्पताल में ऑपरेशन से ठीक पहले सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते थे. टैक्सी ड्राइवर ने बताया कि डॉक्टर हमेशा चेहरे पर मास्क लगाए रहते थे ताकि उनकी पहचान न हो सके. 

यह भी पढ़ें: कानपुर: स्टेथोस्कोप लेकर चलता था 8वीं पास एम्बुलेंस चालक, खुद को बताता था डॉक्टर; टेलीग्राम ग्रुप पर किडनी का सौदा

पुलिस को अंदेशा है कि ये डॉक्टर नामी अस्पतालों से जुड़े हो सकते हैं और पैसों के लालच में इस काले धंधे में शामिल हुए. फिलहाल मुख्य कड़ी आरोपी रोहित अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के बाद ही डॉक्टरों के असली नेटवर्क का पता चल सकेगा.

लुकआउट नोटिस जारी, विदेश भागने की आशंका

मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. अफजाल, डॉ. रोहित, डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग उर्फ डॉ. अमित के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है. पुलिस को डर है कि ये आरोपी देश छोड़कर भाग सकते हैं, इसलिए उनकी वित्तीय गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है. मेरठ और देहरादून में भी पुलिस की टीमें सक्रिय हैं. यदि इन डॉक्टरों का बड़े अस्पतालों से लिंक साबित होता है, तो कई बड़े नामों पर गाज गिरना तय है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement