हाई-प्रोफाइल लैम्बोर्गिनी जब्ती मामले में कानपुर चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने लग्जरी कार को रिलीज करने का आदेश दिया. इसी के साथ करीब 12 करोड़ की सुपरकार लगभग 20 दिनों के बाद मालिक को सौंप दी गई. गाड़ी तभी रिलीज हुई, जब मालिक ने 8.83 करोड़ का सिक्योरिटी बॉन्ड भरा.
इससे पहले, दो कोर्ट ने केस की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था, जिसके बाद मामला कानपुर नगर की CJM कोर्ट के सामने आया. अब सीजेएम कोर्ट ने आखिरकार सुपरकार का रिलीज ऑर्डर पास कर दिया.
कोर्ट ने कार को रिलीज करने का आदेश देने के साथ ही सख्त शर्तें भी लगाईं. इन शर्तों में साफ कहा गया है कि लैम्बोर्गिनी को किसी भी तरह से बेचा नहीं जा सकता. इसी के साथ न तो ट्रांसफर किया जा सकता है और न ही इसे मॉडिफाई कराया जा सकता.
यह भी पढ़ें: कानपुर लैम्बॉर्गिनी कांड: रईसजादे शिवम मिश्रा से अब पूछताछ नहीं करेगी पुलिस, 70 मिनट में कोर्ट पेशी को लेकर उठे सवाल
इसके अलावा कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि कार के इंजन या चेचिस नंबर के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ पूरी तरह से मना है. मालिक को यह भी निर्देश दिया गया है कि जांच के दौरान जब भी जरूरत हो, वह गाड़ी को कोर्ट या पुलिस के सामने पेश करे.
रावतपुर एरिया में एक्सीडेंट के बाद जब्त कर ली गई थी कार
दरअसल, यह लग्जरी कार रावतपुर पुलिस स्टेशन एरिया में एक रोड एक्सीडेंट के बाद पुलिस के द्वारा जब्त कर ली गई थी. पुलिस ने गाड़ी का टेक्निकल और मैकेनिकल इंस्पेक्शन किया. इसके बाद रिपोर्ट कोर्ट में जमा कर दी गई.
यह देखते हुए कि सभी जरूरी जांच और फॉर्मेलिटीज पहले ही पूरी हो चुकी हैं. कोर्ट ने कहा कि गाड़ी को ज्यादा समय तक जब्त रखने का कोई कानूनी मकसद नहीं है और इससे डेप्रिसिएशन और डैमेज हो सकता है. बता दें कि 12 करोड़ की लैम्बोर्गिनी, 8.83 करोड़ का बॉन्ड, दो कोर्ट का सुनवाई से अलग होना और आखिर में CJM कोर्ट का ऑर्डर... कानपुर का यह मामला शहर में सबसे चर्चित घटनाओं में से एक बन गया.
सिमर चावला