ज्योति बनी कातिल! अपने हाथों से घोंटा पति का गला, फिर फंदे पर टांगा शव, लेकिन स्टूल पर थे टिके पैर! बरेली जितेंद्र यादव हत्याकांड की पूरी कहानी

बरेली में 9 साल के लंबे प्रेम प्रसंग के बाद हुई शादी का अंत महज 62 दिनों में कत्ल के साथ हुआ. आईवीआरआई के संविदाकर्मी जितेंद्र की उसकी पत्नी ज्योति ने गला दबाकर हत्या कर दी और इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को वेंटिलेटर से लटका दिया.

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बरेली की ज्योति पर पति की हत्या का आरोप (Photo- ITG) बरेली की ज्योति पर पति की हत्या का आरोप (Photo- ITG)

कृष्ण गोपाल राज

  • बरेली ,
  • 02 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:44 PM IST

Uttar Pradesh News: बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र की कैलाशपुरम कॉलोनी में 26 जनवरी को जितेंद्र यादव का शव फंदे से लटका मिला था. शुरुआत में इसे सुसाइड माना गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या (स्ट्रैंगुलेशन) की पुष्टि होने पर सनसनी फैल गई. पुलिस ने जांच के बाद मृतक की पत्नी ज्योति, उसके पिता कालीचरन और मां चमेली को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ में सामने आया कि ऑनलाइन जुए में पैसे हारने के विवाद के बाद ज्योति ने पति का गला घोंट दिया और फिर अपने मायके वालों के साथ मिलकर साक्ष्य मिटाने के लिए शव को मफलर के सहारे लटका दिया ताकि यह आत्महत्या लगे.

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सुसाइड का नाटक, शव की हालत ने खोला राज

वारदात के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो कई सवाल खड़े हो गए. जितेंद्र का शव वेंटिलेटर से लटका था, लेकिन उसके पैर नीचे रखे स्टूल पर टिके हुए थे और जीभ बाहर निकली हुई थी. फॉरेंसिक टीम को समझ आ गया कि स्टूल पर पैर टिके होने की स्थिति में खुदकुशी मुमकिन नहीं है.

वहीं, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से पता चला कि हत्या के तुरंत बाद ज्योति ने ससुराल या पुलिस के बजाय अपने मायके वालों को फोन किया था. इसी शक के आधार पर पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की, तो ज्योति ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.

संपत्ति का विवाद और 9 साल की मोहब्बत का कत्ल

जितेंद्र और ज्योति ने 25 नवंबर 2025 को प्रेम विवाह किया था, जिसके लिए जितेंद्र ने 9 साल लंबा इंतजार किया था. परिजनों का आरोप है कि रोडवेज में कंडक्टर ज्योति शादी के बाद से ही जितेंद्र पर पैतृक संपत्ति बेचकर उसके नाम पर मकान और कार खरीदने का दबाव बना रही थी. मांग पूरी न होने पर वह दहेज उत्पीड़न के केस में फंसाने की धमकी देती थी. 26 जनवरी को ऑनलाइन जुए में 20 हजार रुपये हारने की बात पर विवाद इतना बढ़ा कि ज्योति ने अपने ही हाथों से जितेंद्र की जान ले ली.

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पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी

पुलिस की कार्रवाई 

एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर इज्जतनगर पुलिस ने मामले की गहनता से जांच की. पहले 'आत्महत्या के उकसावे' में दर्ज एफआईआर को हत्या की धारा में बदला गया. 31 जनवरी को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कब्रिस्तान के पास से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. सीओ थर्ड पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों ने शव को फंदे पर लटकाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की थी. कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया है.

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