'गधे नहीं बन सकते घोड़े...', छात्रों की पढ़ाई के सवाल पर अधिकारी से बोलीं रामपुर के सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल

रामपुर जिले में एक अधिकारी सरकारी स्कूल में जांच करने पहुंचे थे. लेकिन जब उन्होंने छात्रों की प्रगति के बारे में जानना चाहा तो स्कूल की महिला प्रिंसिपल उनपर उखड़ गईं. उन्होंने कहा कि सभी गधे कभी भी घोड़े नहीं हो सकते. इतना ही नहीं प्रिंसिपल ने अधिकारी से यहां तक कह दिया कि वह बंदूक भी रखती हैं और किसी से डरती नहीं हैं. 

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रामपुर के सरकारी स्कूल का मामला (सांकेतिक फ़ोटो) रामपुर के सरकारी स्कूल का मामला (सांकेतिक फ़ोटो)

आमिर खान

  • रामपुर ,
  • 13 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 11:58 AM IST

उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों में छात्रों को पढ़ाई-लिखाई में तेज बनाने की योजना चलाई जा रही है. यूं तो यह कार्य बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आता है लेकिन रामपुर जिलाधिकारी (डीएम) की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स बनाई गई है, जिसमें अलग-अलग विभागों के अधिकारी सम्मिलित किए गए हैं, जो स्कूलों में जांच करने पहुंचते हैं. इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर एसपी सिंह रामपुर नगर क्षेत्र के किशनपुर अटरिया प्राथमिक विद्यालय निरीक्षण करने पहुंचे और महिला प्रिंसिपल से छात्रों की प्रगति के बारे में जानना चाहा. 

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सीएमओ साहब का आरोप है कि जांच के दौरान प्रिंसिपल मैडम ने बेहद कड़े तेवर दिखाते हुए उन्हें तीखे उत्तर दिए. यह पूछने पर कि क्या सभी छात्र निपुण हैं? प्रिंसिपल ने कहा कि सभी गधे घोड़े नहीं हो सकते. इतना ही नहीं प्रिंसिपल ने सीएमओ साहब से यहां तक कह डाला कि मैं साथ में दो नाली बंदूक भी रखती हूं. किसी से डरने वाली नहीं. 

महिला प्रिंसिपल के इस आचरण से क्षुब्ध सीएमओ साहब तुरंत वहां से चले आए. जब जिलाधिकारी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की मीटिंग हुई तो उन्होंने अपना दुखड़ा सभी अधिकारियों के सामने सुनाया. उनकी बात सुनकर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी प्रिंसिपल को कारण बताओं नोटिस जारी कर दिया है. जवाब नहीं आने पर बीएसए ने प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई की भी बात कही है. 

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इस विषय पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सीएमओ साहब 11 जुलाई को प्राथमिक विद्यालय किशनपुर जो कि अटरिया नगर क्षेत्र में पड़ता है उसमें निरीक्षण के लिए गए थे. निरीक्षण के बाद 25 जुलाई को जब हमारी विभागीय मीटिंग हुई तो सीएमओ साहब ने कहा कि हेडमास्टर आसमा परवीन ने उनसे सलीके से बात नहीं की. उन्होंने मुझसे (सीएमओ) कहा- हां बताइए मैं ही हूं यहां की हेड मास्टर,  क्या कुछ कहना है, मेरे पास लाइसेंसी हथियार है, मैं हथियार रखती हूं, मैं किसी गुंडे से डरती नहीं हूं. 

जब सीएमओ साहब ने कहा कि यहां सारे बच्चे पढ़ने में अच्छे हैं या नहीं? तो आसमा परवीन ने कहा- सारे गधे घोड़े नहीं हो सकते. सीएमओ का कहना है कि टीचर के पद की गरिमा होती है, लेकिन हेडमास्टर ने इस गरिमा के विपरीत बर्ताव किया. फिलहाल, शिकायत के बाद बीएसए ने प्रिंसिपल आसमा परवीन को नोटिस जारी किया है. साथ ही तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है. तीन दिन में अगर कोई संतोषजनक उत्तर आता है तो ठीक है, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी. 

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