ग्रेटर नोएडा वेस्ट से बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां महज 5 दिन की नवजात बच्ची को 2 लाख 60 हजार रुपये में बेचने का सौदा किया जा रहा था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस मामले का भंडाफोड़ कर दिया. इसी के साथ प्राइवेट अस्पताल की मालकिन सहित तीन आरोपियों को पकड़ा गया है.
यह पूरा मामला तब सामने आया, जब चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर एक व्यक्ति ने संपर्क कर जानकारी दी कि उसे एक नवजात बच्ची को गोद दिलाने के नाम पर मोटी रकम मांगी जा रही है. उसने बताया कि उसने सोशल मीडिया पर गोद लेने से संबंधित जानकारी शेयर की थी, जिसके बाद बिसरख क्षेत्र के एक प्राइवेट अस्पताल की नर्स ने उससे संपर्क किया और बच्ची के बारे में बताया. इसके बदले 2.60 लाख रुपये की मांग की गई.
इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), बाल कल्याण समिति (CWC) और पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को लेकर प्लानिंग की. शिकायत करने वाले की मदद से आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ने की तैयारी की गई. आरोपी नर्स ने व्यक्ति को बच्ची सौंपने के लिए इकोटेक-3 क्षेत्र के कुलेसरा में बुलाया था.
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शनिवार को तय समय से पहले ही पुलिस और अन्य टीमें सादे कपड़ों में आसपास तैनात हो गईं. जैसे ही शाम करीब चार बजे नर्स नवजात बच्ची को लेकर वहां पहुंची और सौदे की बात हुई, पुलिस ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया. पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया है.
जांच के दौरान सामने आया कि बच्ची की डिलीवरी से जुड़े स्टिकर एक प्राइवेट अस्पताल के थे, जिससे अस्पताल की संलिप्तता का शक गहरा गया. आगे की जांच में अस्पताल की मालकिन, नर्स और एक अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आई. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है.
सेंट्रल नोएडा के डीसीपी ने क्या बताया?
सेंट्रल नोएडा के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा कि सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया. आरोपियों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया है और न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है.
पुलिस का कहना है कि यह मामला मानव तस्करी से जुड़ा हो सकता है, इसलिए पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या पहले भी इस तरह के मामलों में ये लोग शामिल रहे हैं. फिलहाल नवजात बच्ची सुरक्षित है और संबंधित एजेंसियां उसकी देखभाल कर रही हैं.
अरुण त्यागी