CM योगी का हल्का तंज या बड़े संकेत, रविकिशन के लिए कह दी बड़ी बात

गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि अगली बार रवि किशन की जगह महिला उम्मीदवार भी हो सकती है. उन्होंने बालिका छात्रावास का शिलान्यास और साइबर फोरेंसिक लैब का उद्घाटन किया. साथ ही बताया कि 2017 के बाद महिलाओं की भागीदारी रोजगार में तेजी से बढ़ी है.

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo: Screengrab) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo: Screengrab)

गजेंद्र त्रिपाठी

  • गोरखपुर ,
  • 25 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:34 PM IST

गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि जब अगला चुनाव आएगा, तो गोरखपुर से सांसद रवि किशन की जगह कोई महिला दावेदार भी हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि लोग चाहते हैं कि अब उन्हें छुट्टी मिल जाए. मुख्यमंत्री का यह बयान चर्चा का विषय बन गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद से पास हो चुका है और प्रधानमंत्री की इच्छा है कि 2029 के चुनाव में इसे लागू किया जाए. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था का मौजूदा सीट पर असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि महिलाओं के लिए अतिरिक्त सीट बनाई जाएगी.

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इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 144 बेड वाले बालिका छात्रावास का शिलान्यास किया. इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय में स्थापित साइबर फोरेंसिक रिसर्च लैब का उद्घाटन भी किया. कार्यक्रम में उन्होंने रिसर्च एक्सीलेंस पुरस्कार भी वितरित किए. यह बालिका छात्रावास पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा सीएसआर फंड से बनाया जाएगा.

2029 चुनाव और नारी शक्ति कानून का जिक्र

इस हॉस्टल में भूतल के अलावा तीन मंजिल होंगी. हर मंजिल पर 12 कमरे बनाए जाएंगे और कुल 48 कमरे होंगे. प्रत्येक कमरे में तीन छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी. इस परियोजना पर 13 करोड़ 66 लाख 80 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे. यह एमएमएमयूटी का छठवां बालिका छात्रावास होगा. हॉस्टल में छात्राओं के लिए मेस और डाइनिंग हॉल, इंडोर गेम्स हॉल, बैडमिंटन और टेबल टेनिस की सुविधा, संगीत कक्ष, डिजिटल लाइब्रेरी और जिम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी.

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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि बेटियां स्वावलंबी बनकर नए भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें, इसके लिए इस प्रकार की सुविधाएं आवश्यक हैं. उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं के लिए घर से बाहर निकलना एक चुनौती था. कई परिवार अपनी बेटियों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में भेजते थे. लेकिन अब हालात बदल रहे हैं.

महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले कामकाजी महिलाओं की संख्या 12 प्रतिशत से भी कम थी, जो अब बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है. उन्होंने कहा कि अब महिलाएं बिना किसी डर के शहरों में पढ़ाई और नौकरी के लिए जा रही हैं. यह समाज में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था का संकेत है.

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि बड़े शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए श्रमजीवी हॉस्टल भी बनाए जा रहे हैं. उनका कहना है कि सरकार महिलाओं के लिए सुरक्षित और बेहतर माहौल तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है. गोरखपुर में दिया गया मुख्यमंत्री का यह बयान और विकास कार्यों की शुरुआत दोनों ही चर्चा में हैं. जहां एक ओर उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर उनके बयान ने राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है.

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