उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना सामने आई है. बेलघाट थाना क्षेत्र के मुकरीमपुर गांव में नवविवाहित दंपति की बंद कमरे में लाश मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. पति का शव पंखे से लटका मिला जबकि पत्नी का शव बेड पर पड़ा था. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. जानकारी के अनुसार मृतक दंपति की पहचान सदाब पुत्र तसव्वर और उसकी पत्नी निकहत निशा के रूप में हुई है.
दोनों रात में अपने कमरे में सोने गए थे. सुबह जब काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला तो परिजनों ने आवाज लगाकर उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. करीब 11 बजे परिवार के लोगों ने खिड़की से झांककर देखा तो पति शादाब का शव पंखे से लटका हुआ दिखाई दिया और पत्नी निकहत निशा का शव बेड पर पड़ा था. यह दृश्य देखकर परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए.
बंद कमरे में मिला नवविवाहित दंपति का शव
इसके बाद परिजनों ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. पुलिस ने दोनों शवों को नीचे उतारकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब 11 बजे सूचना मिली थी. मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए हैं. प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं.
पुलिस के अनुसार जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि महिला के शरीर में सीमन पाया गया है और उसकी जीभ भी पलटी हुई थी. हालांकि इस संबंध में विस्तृत जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. स्थानीय लोगों से पूछताछ में सामने आया है कि दंपति के बीच अक्सर पारिवारिक विवाद होते रहते थे. पुलिस का मानना है कि यह घटना भी पारिवारिक कलह से जुड़ी हो सकती है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
इस घटना पर एसपी साउथ गोरखपुर दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि कमरे को अंदर से बंद पाया गया था और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया. फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरी स्थिति साफ हो सकेगी. घटना के बाद पूरे गांव में मातम और दहशत का माहौल है. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.
गजेंद्र त्रिपाठी