'अखिलेश यादव का दौरा रोको, बिगड़ सकता है माहौल', BJP सांसद ने CM योगी को लिखा पत्र, गाजीपुर मामले में सियासत तेज

गाजीपुर में अखिलेश यादव के दौरे से पहले सियासी संग्राम छिड़ गया है. BJP सांसद संगीता बलवंत ने सीएम योगी को पत्र लिखकर अखिलेश का दौरा रोकने की मांग की. उन्होंने माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया है. पढ़ें पूरी खबर...

Advertisement
BJP सांसद संगीता बलवंत ने लगाया 'गुंडा राजनीति' का आरोप.(PhotoITG) BJP सांसद संगीता बलवंत ने लगाया 'गुंडा राजनीति' का आरोप.(PhotoITG)

विनय कुमार सिंह

  • गाजीपुर,
  • 27 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 8:42 PM IST

UP News: गाजीपुर कांड को लेकर सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के 29 अप्रैल के प्रस्तावित गाजीपुर दौरे से पहले BJP की राज्यसभा सांसद डॉ संगीता बलवंत ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उनके दौरे को रोकने की मांग की है.

सांसद डॉ. संगीता ने कहा कि 15 अप्रैल को गाजीपुर के एक गांव में किशोरी की दुखद मौत हुई थी, जिसमें पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और कानूनी कार्रवाई सख्ती से जारी है. पूरा जनपद पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है.

Advertisement

उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार से मिलने के नाम पर समाजवादी पार्टी के डेलिगेशन के साथ सैकड़ों अवांछनीय तत्व गांव पहुंचे और वहां पत्थरबाजी कर माहौल खराब करने की कोशिश की. सांसद ने कहा कि यह सपा के मूल 'गुंडा चाल, चरित्र और चेहरा' को उजागर करता है.

CM योगी को भेजा पत्र

डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि अब जब अखिलेश यादव ने 29 अप्रैल को गाजीपुर आने की घोषणा की है, तो मजबूरन उन्हें CM योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखना पड़ा कि इस कार्यक्रम को रोका जाए. उन्होंने कहा कि किसी की मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और शोक संवेदना के नाम पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश नहीं होनी चाहिए.

28 अप्रैल को सपा के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के पीड़ित परिवार से मिलने के सवाल पर सांसद ने कहा कि यदि कोई संवैधानिक तरीके से पीड़ित परिवार से मिलने आता है, तो किसी को कोई आपत्ति नहीं हो सकती. लेकिन उन्होंने अखिलेश यादव से अपील की कि शोक संवेदना के नाम पर राजनीति न करें और जनपद की शांति व्यवस्था को प्रभावित न होने दें.

Advertisement

फिलहाल, 29 अप्रैल को अखिलेश यादव के प्रस्तावित दौरे और प्रशासन के रुख पर सबकी नजरें टिकी हैं. गाजीपुर में पुलिस अलर्ट पर है और गांव में भारी बल तैनात किया गया है. 

क्या है पूरा मामला?

बता दें कि बीते 15 अप्रैल को गाजीपुर जिले के करंडा इलाके में एक किशोरी का शव मिला था. उसके परिवार ने बेटी के यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है. यह विवाद 22 अप्रैल को तब और बढ़ गया जब पीड़ित परिवार से मिलने गए समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल पर गांव में पथराव किया गया, जिसमें पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए. पुलिस ने इस हमले के सिलसिले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है.

इससे पहले, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि गांव का प्रधान और दबंग ताकतों द्वारा संरक्षित अन्य लोग इस हमले के पीछे है. उन्होंने इसे PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) पर हमला करार दिया था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement