लखनऊ में मिलावटखोरों पर FSDA का बड़ा एक्शन: 55 लाख के नकली मसाले और खोया सील, भारी मात्रा में मिठाई नष्ट

लखनऊ में FSDA ने गुरुवार को छापेमारी कर 55.91 लाख रुपये के 10,415 किलो नकली मसाले और खोया जब्त किए. फैजुल्लागंज और ऐशबाग में 1 क्विंटल से अधिक एक्सपायर्ड मिठाई नष्ट की गई. विभाग ने 15 सैंपल लैब भेजे हैं. अधिकारियों ने चेतावनी दी कि रंगीन पापड़-कचरी से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं.

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लखनऊ में मिलावटखोरों पर FSDA का एक्शन (Photo- Screengrab) लखनऊ में मिलावटखोरों पर FSDA का एक्शन (Photo- Screengrab)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ ,
  • 27 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:53 AM IST

लखनऊ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ बड़ी 'सर्जिकल स्ट्राइक' की है. शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर टीम ने 55.91 लाख रुपये का असुरक्षित माल जब्त किया. एक्सपायर्ड मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जबकि भारी मात्रा में काली मिर्च और खोया सील कर सैंपल लैब भेजे गए हैं.

एक ही दिन में FSDA की ताबड़तोड़ छापेमारी

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लखनऊ के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने गुरुवार को शहर के विभिन्न ठिकानों पर सघन छापेमारी कर मिलावटखोरी के सिंडिकेट को ध्वस्त किया. विभाग ने ऐशबाग और फैजुल्लागंज समेत कई इलाकों से 10,415 किलो नकली मसाले और खोया जब्त किया, जिसकी बाजार में कीमत 55.91 लाख रुपये है. इस दौरान 1 क्विंटल 12 किलो एक्सपायर्ड मिठाई को असुरक्षित पाकर तुरंत नष्ट किया गया. अधिकारियों ने कुल 15 नमूनों को सील कर लैब टेस्ट के लिए भेजा है ताकि दोषियों पर सीधी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके.

कोल्ड स्टोरेज और कैफे पर विभाग का शिकंजा

कार्रवाई के दौरान ऐशबाग स्थित स्वरूप कोल्ड स्टोरेज से 8,499 किलो काली मिर्च और 378 किलो खोया बरामद हुआ. इसके अलावा फैजुल्लागंज के एक स्टोरेज में 45 हजार रुपये की एक्सपायर्ड सोनपापड़ी और राजभोग मिली, जिसे मौके पर ही जमींदोज कर दिया गया. टीम ने यहां से पेड़ा, रसगुल्ला और गुजिया के नमूने भी लिए. महानगर के प्रसिद्ध ग्लोब कैफे पर भी विभाग का डंडा चला, जहां से पनीर और गुजिया की जांच के लिए सैंपल उठाए गए.

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कैंसर को दावत दे रहे रंगीन पापड़ और कचरी

छापेमारी के साथ ही 'फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स' ने मड़ियांव में जागरूकता अभियान चलाया. खाद्य अधिकारियों ने चेतावनी दी कि खुले में बिकने वाले चटक रंगीन पापड़ और कचरी सेहत के लिए जहर समान हैं. इनमें प्रतिबंधित सिंथेटिक रंगों का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे पेट की गंभीर बीमारियों से लेकर कैंसर तक का खतरा बना रहता है.विभाग ने स्पष्ट किया है कि लैब रिपोर्ट आते ही मिलावटखोरों के खिलाफ बिना किसी रियायत के सख्त एक्शन लिया जाएगा.

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