यूपी के मेरठ में भड़काऊ भाषण देने वाले एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है. यह कार्रवाई थाना लोहियानगर पुलिस द्वारा की गई है. हालांकि, शौकत अली ने वीडियो वायरल होने के बाद अपनी सफाई भी पेश की है. आइये जानते हैं पूरा मामला...
मेरठ पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक व्यक्ति शौकत अली के द्वारा भड़काऊ भाषण दिया जा रहा है. जिले की थाना लोहिया नगर पुलिस द्वारा इसका संज्ञान लिया गया है. मुकदमा लिखवाकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.
दरअसल, मेरठ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए शौकत अली ने कहा था कि यदि प्रदेश की जनता उन्हें 111 नहीं, सिर्फ 11 विधायक जिताकर दे दे तो वह राज्य में किसी भी मुसलमान का एनकाउंटर नहीं होने देंगे. शौकत ने मंच से खुलेआम यह भी कहा कि यदि इसके बाद किसी मुसलमान का एनकाउंटर हुआ, तो एनकाउंटर करने वालों का भी एनकाउंटर हो जाएगा. उनके इस बयान ने सूबे की सियासत में हलचल तेज कर दी है.
एआईएमआईएम नेता की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद अपने बयान पर सफाई देते हुए शौकत अली ने कहा- 'मेरे बोलने का मतलब यह था कि मुस्लिमों के खिलाफ अत्याचार हो रहा है. मैंने संवैधानिक बात की. सपा के 111 विधायक हैं, 90 फीसदी मुस्लिमों ने वोट किया लेकिन उनके खिलाफ हो रहे अन्याय पर सपा चुप रहती है. जिसके विधायक होते हैं उसकी सुनी जाती है, इस संदर्भ में मेरा बयान था. मैंने संवैधानिक तौर पर एनकाउंटर करने की बात कही.'
बकौल शौकत अली- 'मेरठ के कप्तान ने कहा था कोई सड़क पर नमाज पढ़ेगा उसका लाइसेंस जब्त होगा. इस पर मैने कहा कि जो रामनवमी पर मस्जिद के बाहर नागिन डांस करते हैं क्या उन पर भी यही एक्शन होगा.'
'राजभर की भाषा रिक्शा चलाने वालों जैसी'
इसके साथ ही एआईएमआईएम नेता शौकत अली ने कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर पर तीखा तंज कसा. उन्होंने राजभर की भाषा को उनके पुराने 'रिक्शा चलाने' के अनुभव से जोड़ते हुए अखिलेश यादव पर उन्हें खरीदने का आरोप लगाया.
शौकत ने कहा कि राजभर की उम्र बढ़ रही है और उनका दिमाग ठीक नहीं रहता, इसलिए वह गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने दावा किया कि अखिलेश ने राजभर को फॉर्च्यूनर गाड़ी देकर अपने पाले में किया था. शौकत ने 2027 के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि एआईएमआईएम 200 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. उनकी कोशिश मायावती के साथ मिलकर दलित-मुस्लिम गठबंधन बनाने की है ताकि यूपी की सियासत में नया समीकरण पेश किया जा सके.
उस्मान चौधरी