Uttar Pradesh News: मथुरा के कोसीकलां थाना क्षेत्र में 21 मार्च की सुबह घने कोहरे के बीच सड़क हादसे में प्रसिद्ध गौसेवक चंद्रशेखर उर्फ फर्सा वाले बाबा की मौत हो गई. यह दुर्घटना तब हुई जब बाबा ने शक के आधार पर एक किराने के सामान से लदे कंटेनर को रुकवाया था और पीछे से आए एक अनियंत्रित ट्रक ने टक्कर मार दी. इस घटना के बाद आक्रोशित समर्थकों ने छाता कस्बे के पास एनएच-19 पर शव रखकर जाम लगा दिया. भीड़ ने समझाने आए पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों पर जानलेवा हमला करते हुए पथराव और फायरिंग की. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और अब तक करीब दो दर्जन उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है.
हादसे को हत्या बताकर फैलाया गया भ्रम
मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश ने स्पष्ट किया कि बाबा जी की मृत्यु एक सड़क दुर्घटना थी, जिसका गोवंश तस्करी से कोई संबंध नहीं है. हादसे में ट्रक ड्राइवर की भी मौत हुई है. कुछ शरारती तत्वों ने इसे हत्या का रूप देकर अफवाह फैलाई और शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश की. बाबा जी का गौ सेवा में बड़ा योगदान था, जिसे देखते हुए प्रशासन ने उनकी गौशाला की सुरक्षा और स्मारक बनाने जैसी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है.
पुलिस पर हमला और गिरफ्तारियां
एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के पथराव और फायरिंग में लगभग 23 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया है. पुलिस ने गांडीव हर यक्ष ऐप और वीडियो फुटेज की मदद से 23 नामजद और सैकड़ों अज्ञात लोगों को चिन्हित किया है. गिरफ्तार किए गए 15 अभियुक्तों में गाजियाबाद का दक्ष चौधरी भी शामिल है. इनके पास से खोखा कारतूस, लाठी-डंडे और 15 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं.
गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
थाना छाता पुलिस ने पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं, 7 सीएलए एक्ट और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस की टीमें अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रख रही है.
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