उत्तर भारत के राज्यों में ठंड और कोहरे का अटैक एक साथ देखने को मिल रहा है. बढ़ती ठंड के प्रभाव से भगवान भी अछूते नहीं हैं. काशी के मंदिरों में शीतलहर और ठिठुरन से भगवान को बचाने के लिए ऊनी वस्त्र, रजाई और कंबल पहनाए गए हैं. पुजारियों की माने, तो भक्तों की भावनाओं के चलते हर साल ठंड में ऐसा होता है. यह प्रक्रिया बसंत पंचमी तक चलता है.
दरअसल, बढ़ती सर्द हवा का असर वाराणसी में भी दिखना शुरू हो गया है. तापमान में गिरावट जारी है, तो कोहरे के साथ शीतलहर भी बढ़ गई है. ऐसे में इंसान तो इंसान भगवान पर भी ठंडी का असर दिखना शुरू हो गया है. चाहे वह गोलघर इलाके में प्राचीन सिद्धिदात्री का मंदिर हो या फिर मैदागिन इलाके में स्थित प्राचीन शिवलिंग या उससे कुछ दूरी पर लोहटिया इलाके में राम जानकी का मंदिर हो.
गर्मियों में मंदिरों में लगाए जाते हैं कूलर-एसी और पंखे
सभी जगह भगवान के विग्रह को ठंड से बचाने के लिए ऊनी वस्त्र, कंबल और टोपी से ढ़क दिया गया है. इस बारे में अपनी आस्था प्रकट करते हुए श्रद्धालुओं ने बताया कि हम भक्तों की भावना ही है, जिससे हम भगवान से जुड़ाव महसूस करते हैं. गर्मियों में कूलर-एसी और पंखे मंदिरों में लगाए जाते हैं. वहीं, ठंडी में ऊनी वस्त्र पहनाए जाते हैं.
बैकुंठ चतुर्दशी से भगवान को धारण कराया जाता ऊनी वस्त्र
बड़ा गणेश मंदिर के पुजारी प्रदीप त्रिपाठी ने बताया कि कार्तिक मास की बैकुंठ चतुर्दशी से भगवान को ऊनी वस्त्र धारण करा दिया जाता है, जो बसंत पंचमी तक पहनाया जाता है. यहां भावना से पूजा होती है. जैसे हम गर्म कपड़े पहनते हैं, वैसे ही यह मानकर कि भगवान को भी ठंड लगती होगी. इसको लेकर उनको गर्म कपड़े पहनाते हैं.
ठंडी के दिनों में खानपान का भी रखते हैं ध्यान
वो जगत के पालनहार हैं. उन्हें भला मौसम से क्या दिक्कत होती होगी, लेकिन भक्त होने के नाते और भाव की पूजा के चलते हम उन्हें गर्म कपड़े पहनाते हैं. वस्त्रों के अलावा खानपान में भी ठंडी के दिनों में ध्यान रखते हैं. जैसे हम इंसान ठंडी के मौसम में गाजर का हलुआ और चुड़ा मटर खाते हैं, तो वैसे ही भगवान को भी भोग लगता है.
राम जानकी मंदिर के पुजारी ने कही ये बात
वहीं, राम जानकी मंदिर के पुजारी देवेंद्र नाथ चौबे ने बताया कि काशी में ठंड बढ़ रही है. इसको देखते हुए उनके मंदिर में राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और माता सीता समेत हनुमान जी और राधा-कृष्ण जी को ऊनी वस्त्र पहनाया गया है.
रोशन जायसवाल