लखनऊ-गोंडा में भूकंप के झटके, 3.7 की तीव्रता से कांपी धरती, कोई नुकसान नहीं

राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में आज सुबह भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर 3.7 की तीव्रता वाले इस भूकंप का केंद्र गोंडा जिला रहा. हालांकि, राहत की बात यह है कि इस प्राकृतिक हलचल से किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है.

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लखनऊ और गोंडा में भूकंप के झटके (File Photo) लखनऊ और गोंडा में भूकंप के झटके (File Photo)

आशीष श्रीवास्तव

  • लखनऊ/गोंडा ,
  • 06 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:56 PM IST

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में शुक्रवार आज सुबह 3.7 तीव्रता का भूकंप आया. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, इस भूकंप का केंद्र गोंडा में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे स्थित था. इसके प्रभाव से राजधानी लखनऊ सहित आसपास के इलाकों में हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे सुबह-सुबह लोग दहशत में आ गए. 

कई इलाकों में लोग घरों और बहुमंजिला इमारतों से निकलकर खुली सड़कों पर जमा हो गए. गोंडा जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने पुष्टि की है कि भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण जिले में कहीं भी किसी प्रकार की क्षति या जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है.

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सुबह-सुबह मची अफरा-तफरी

जैसे ही सुबह 7:32 बजे धरती डोली, लखनऊ की हाईराइज बिल्डिंगों में रहने वाले लोगों को कंपन का अहसास हुआ. हालांकि गोंडा में झटके इतने हल्के थे कि कई लोगों को इसका पता भी नहीं चला, लेकिन एहतियात के तौर पर प्रशासन ने तुरंत जांच शुरू की.

विशेषज्ञों के अनुसार, 10 किलोमीटर की गहराई पर आया यह भूकंप 'हल्की' श्रेणी में आता है, जिससे आमतौर पर ढांचों को नुकसान नहीं पहुंचता, लेकिन घबराहट फैलना स्वाभाविक था.

पड़ोसी देशों में भी हलचल

यह घटना म्यांमार में आए 5.9 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसका असर कोलकाता और बांग्लादेश के ढाका तक देखा गया था. म्यांमार का वह भूकंप भी जमीन के 10 किलोमीटर नीचे ही केंद्रित था. वैज्ञानिकों का मानना है कि भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच होने वाली हलचल के कारण उत्तर और दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश के साथ-साथ उत्तर भारत के ये इलाके भूकंप के प्रति संवेदनशील बने हुए हैं.

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