देवरिया: कूड़ा गाड़ी में ले जाई गईं मां दुर्गा की मूर्तियां, वीडियो वायरल होने पर कर्मचारी सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से आस्था को ठेस पहुंचाने वाली तस्वीर सामने आई है. यहां नगर पालिका की कूड़ा ढोने वाली गाड़ी में मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया गया. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए जिम्मेदार वाहन प्रभारी को निलंबित कर दिया है.

Advertisement
देवरिया में शर्मनाक घटना पर लिया गया एक्शन (Photo- Screengrab) देवरिया में शर्मनाक घटना पर लिया गया एक्शन (Photo- Screengrab)

राम प्रताप सिंह

  • देवरिया ,
  • 01 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 4:30 PM IST

Uttar Pradesh News: देवरिया जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध देवरही माता मंदिर में रामनवमी के समापन के बाद 31 मार्च को नगर पालिका की कूड़ा गाड़ी से मूर्तियों का विसर्जन किया गया. नगर पालिका प्रशासन ने देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को विसर्जन स्थल तक भेजने के लिए कूड़ा ढोने वाले वाहन का इस्तेमाल किया और पहचान छिपाने के लिए उसे लाल कपड़े से ढक दिया. 

Advertisement

इस अपमानजनक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिशासी अधिकारी (EO) ने संबंधित वाहन प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर जांच कमेटी गठित करने के आदेश जारी किए हैं.

कपड़े से छिपाया 'स्वच्छता मिशन' का नाम

शहर के सिद्ध पीठ देवरही माता मंदिर से विसर्जन के लिए निकली इस कूड़ा गाड़ी पर 'स्वच्छता मिशन' और 'नगर पालिका' लिखा हुआ था. प्रशासन ने अपनी इस बड़ी लापरवाही को छिपाने की कोशिश करते हुए पूरी गाड़ी को लाल कपड़े से कवर कर दिया था. 

हालांकि, किसी जागरूक नागरिक ने इस मंजर को कैमरे में कैद कर लिया. हैरानी की बात यह है कि जिस मंदिर से यह मूर्तियां निकाली गईं, वहां रामनवमी पर खुद डीएम दिव्या मित्तल ने पूजा-पाठ और भजन संध्या का आयोजन किया था.

Advertisement

दोषी कर्मचारी सस्पेंड, जांच कमेटी गठित

वीडियो वायरल होते ही नगर पालिका प्रशासन हरकत में आया. ईओ द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, धार्मिक भावनाओं की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार कर्मचारी (वाहन प्रभारी) को निलंबित कर दिया गया है. 

मामले की तह तक जाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है. स्थानीय लोग इस घटना को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं, क्योंकि उसी मंदिर परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद विसर्जन के लिए ऐसा शर्मनाक तरीका अपनाया गया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement