प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में स्थित क्लाइव रोड पर न्यूरोसर्जन डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा के क्लीनिक में एक युवती ने 'बैड टच' का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. युवती अपने भाई के साथ इलाज के लिए आई थी और उसने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने कमरा बंद कर उसके कपड़े उतरवाए और गलत तरीके से छुआ.
युवती की इस शिकायत पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ बीएनएस की धारा 74, 76 और 127(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी है. डॉक्टर ने हंगामे के दौरान खुद को कमरे में बंद कर लिया था और पुलिस को सूचना दी थी.
युवती के गंभीर आरोप और हंगामा
युवती ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि जब वह डॉक्टर के पास केबिन में गई, तो उन्होंने अन्य मरीजों को बाहर कर दिया. आरोप है कि इसके बाद डॉक्टर ने कमरा बंद कर लिया और जांच के बहाने उसके कपड़े उतरवाकर 'बैड टच' किया. इस घटना के बाद युवती ने क्लीनिक में ही शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे वहां मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया.
डॉक्टर ने आरोपों को बताया झूठा
दूसरी ओर, डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा ने खुद पर लगे आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है. डॉक्टर के मुताबिक, युवती पिछले तीन-चार महीनों से उनके पास माइग्रेन का इलाज करा रही है. उन्होंने बताया कि युवती मानसिक रूप से कमजोर है और उसका इलाज मनोचिकित्सक के पास भी चल रहा है. डॉक्टर के अनुसार, वह डिप्रेशन की शिकार है और उसका स्वभाव काफी आक्रामक है.
सीसीटीवी और जांच पर टिकी नजर
डॉक्टर का दावा है कि उन्होंने युवती का केवल एक से डेढ़ मिनट तक चेकअप किया था, जिसके बाद वह चली गई थी. कुछ देर बाद वह कुछ लोगों के साथ लौटी और बेबुनियाद आरोप लगाने लगी. मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है.पुलिस क्लीनिक के साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है.
पंकज श्रीवास्तव