'अपनी सीमा में रहिए, सिर पर चढ़ोगे क्या?', शिक्षक नेता पर भड़के मिनिस्टर दयाशंकर सिंह, BSA को बचाने के आरोप पर हुए आगबबूला

Dayashankar Singh Viral Video Deoria: UP के देवरिया जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सियासी गलियारों और शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया है. प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह का एक शिक्षक नेता को सरेआम फटकारते और चेतावनी देते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है.

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गेस्ट हाउस में शिक्षक को दी बाहर निकालने की चेतावनी.(Photo:ITG) गेस्ट हाउस में शिक्षक को दी बाहर निकालने की चेतावनी.(Photo:ITG)

राम प्रताप सिंह

  • देवरिया,
  • 16 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:31 PM IST

उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री और देवरिया के प्रभारी मंत्री दयाशंकर सिंह एक बार फिर विवादों में हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा 24 फरवरी का एक वीडियो सरकार की कार्यशैली और शिक्षकों के प्रति संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है. वीडियो में मंत्री एक शिक्षक नेता को उंगली दिखाकर धमकाते और बाहर जाने की चेतावनी देते नजर आ रहे हैं.

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देवरिया में कार्यरत एक शिक्षक ने कुछ समय पूर्व गोरखपुर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. मरने से पहले शिक्षक ने एक वीडियो जारी कर देवरिया की BSA शालिनी श्रीवास्तव और एक बाबू पर गंभीर आरोप लगाए थे.

आरोप था कि वेतन बहाली के नाम पर उनसे 14 लाख रुपये ले लिए गए और फिर भी प्रताड़ित किया जा रहा था. इस मामले में मुकदमा तो दर्ज हुआ, लेकिन कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई.

'बलिया कनेक्शन' पर भड़के मंत्री
इसी मामले को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का प्रतिनिधिमंडल पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मंत्री दयाशंकर सिंह से मिलने पहुंच था. बातचीत के दौरान शिक्षक नेता विवेक मिश्रा ने जब यह कहा कि "मंत्री जी, आप और BSA दोनों बलिया के हैं, इसलिए उन्हें बचाया जा रहा है," तो मंत्री का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया.

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मंत्री दयाशंकर सिंह ने चिल्लाते हुए कहा, "अवसर दिया जाएगा आपकी बात सुनने का तो आप सिर पर चढ़ेंगे? आप अपनी सीमा में रहिए. बदतमीजी करेंगे तो बाहर निकलवा देंगे." देखें VIDEO:- 

संगठन में भारी आक्रोश
शिक्षक नेता विवेक मिश्रा बार-बार अपनी बात पूरी करने का अनुरोध करते रहे, लेकिन मंत्री जी उन्हें चुप कराकर बाहर भेजने की जिद पर अड़े रहे.

उस समय बगल में भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भी मौजूद थे. इस घटना के बाद से शिक्षकों में भारी गुस्सा है. संगठन का कहना है कि भ्रष्टाचार के कारण एक साथी की जान चली गई और जब वे न्याय मांगने गए तो उन्हें अपमानित किया गया.

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