काशी विश्वनाथ धाम के लिए वैकल्पिक मार्ग के तौर पर मुस्लिम बहुल दालमंडी के चौड़ीकरण में अब तक की सबसे बड़ी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आज शुरू हो गई है. सोमवार को वाराणसी पुलिस प्रशासन भारी संख्या में पूरे दलबल के साथ 21 उन भवनों के ध्वस्तीकरण के काम को शुरू कर दिया है जो नगर निगम की ओर से जर्जर घोषित कर दिए गए हैं. लेकिन कार्रवाई शुरू होने के पहले ही मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन की टीम को भवन स्वामियों की ओर से जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा.
इस बीच पुलिस प्रशासन की भवन स्वामियों से जमकर धक्का मुक्की भी हुई. लेकिन भवन स्वामियों की एक भी ना सुनी गई. वहीं, एक भवन स्वामी ने तो ध्वस्तीकरण के विरोध में अपने मकान को ही जलाने की कोशिश की. मौके पर मौजूद टीम में वक्त रहते आग पर काबू पा लिया.
आपको बता दें कि वाराणसी के दालमंडी में आज चौड़ीकरण की कार्रवाई के तहत डिमोलिशन का काम उन 21 भवन पर शुरू हो गया है, जिनको नगर निगम ने जर्जर घोषित कर दिया था. जैसे ही टीम भवन की ओर बढ़ी वैसे ही वहां मौजूद भवन स्वामी और पुलिस प्रशासन की टीम में धक्का मुक्की शुरू हो गई. इस दौरान न मानने पर पुलिस ने विरोध करने वाले मकान मालिकों को हिरासत में भी ले लिया. फिर कहीं जाकर जर्जर भवन पर डिमोलिशन की कार्रवाई शुरू हो पाई.
उधर, विरोध की एक तस्वीर ऐसी भी सामने आई जिसमें एक मकान मालिक ने अपने मकान के प्रथम तल से भवन को आग में झोंकने की कोशिश की. इस दौरान आगे के टीन शेड से आग की लपटें उठने लगीं. लेकिन वक्त रहते आग पर काबू पा लिया गया. आग लगाने के दौरान भवन स्वामी वहीं खड़े होकर अपने हाथ में कागज दिखाते हुए इशारा कर रहा था.
'आजतक' से बातचीत के दौरान पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि आज उन 21 भवन का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है जिन्हें नगर निगम ने जर्जर घोषित कर दिया था. इसके पहले सभी उन 29 मकानों का डिमोलिशन हो चुका है जिसे पीडब्ल्यूडी ने अपने नाम रजिस्ट्री करा ली है. मौके पर मौजूद डीसीपी काशी गौरव बंसवाल ने बताया कि कुछ विरोध करने वालों को हिरासत में लिया गया है और जो कोई भी सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाएगा उसके खिलाफ सख्ती से निपटा जाएगा. उन्होंने बताया कि मौके पर पुलिस पीएससी RRF के अलावा ड्रोन कैमरा से भी निगरानी की जा रही है.
मकान मालिकों के मुताबिक, उनका भवन अवैध रूप से तोड़ा जा रहा है. जर्जर भवन को गिराने के लिए नगर निगम 15 दिनों का समय देता है. जबकि उनको तीन दिन का ही वक्त दिया गया. जवाब सबमिट करने की बात कही गई थी ना कि ध्वस्तीकरण की. हालांकि, जवाब उन लोगों की ओर से भेज दिया गया है, लेकिन इसके बावजूद उनके मकान को तोड़ा जा रहा है. इस पूरी प्रक्रिया को कोर्ट में चुनौती दी जाएगी.
रोशन जायसवाल