शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने वाराणसी में चल रहे प्रकरण को लेकर पुलिस जांच और लगाए गए आरोपों पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि जिस मामले की जांच हो रही है, उसमें शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज खुद पुलिस के साथ मौजूद हैं. उनके मुताबिक यह समझ से परे है कि शिकायतकर्ता को साथ रखकर किस तरह की जांच की जा रही है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, 'शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज खुद पुलिस के साथ मौजूद हैं, फिर निष्पक्ष जांच कैसे हो सकती है.'
आशुतोष महाराज और आईपीएस अजय पाल शर्मा की तस्वीर वायरल
शंकराचार्य ने दावा किया कि आशुतोष महाराज और आईपीएस अजय पाल शर्मा की जिस तस्वीर को AI बताकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वही तस्वीर आशुतोष महाराज के फेसबुक के ब्लू टिक अकाउंट पर पोस्ट की गई थी और आज भी मौजूद है. उन्होंने कहा कि उनके अधिवक्ताओं को कई अहम सबूत मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि कथित पीड़ित बच्चे लंबे समय से आशुतोष महाराज के साथ ही रह रहे हैं और उनके साथ पूजा-पाठ व कर्मकांड में शामिल हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि बच्चे उनके पास आए ही नहीं और लगातार आशुतोष के साथ रह रहे हैं, इसलिए वे सभी सबूत अदालत में पेश करेंगे. स्वामी ने प्रकाश उपाध्याय का बचाव करते हुए कहा कि वह गुरुजी की सेवा में समर्पित हैं और उनके नाम को बदनाम किया जा रहा है.
क्या बोले स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा कि आरोप लगाने वाली भूमिका द्विवेदी इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक अधिवक्ता की बेटी हैं और एक संभ्रांत परिवार से आती हैं. उनके अनुसार वह कुछ समय यहां रहीं, लेकिन बाद में छह महीने रहने की जिद पर अड़ गईं. उन्होंने मठ की जमीन और व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और व्यवस्थाएं वे ही जानते हैं.
स्वामी ने अपने लंबे जुड़ाव का हवाला देते हुए कहा कि वे पिछले 45 वर्षों से जुड़े हैं और 25 साल से गुरुजी के साथ रह रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी अपने परिवार को कोई लाभ नहीं दिया, क्योंकि वे परिवार त्याग चुके हैं.
अतीक अहमद की हत्या के समय भी उठाए थे सवाल
उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले भी कानून के राज की बात उठाई थी और अतीक अहमद की हत्या के समय भी सवाल खड़े किए थे, जो किसी व्यक्ति के पक्ष में नहीं बल्कि कानून व्यवस्था के समर्थन में थे. स्वामी ने कहा कि यदि कोई गेरुआ वस्त्र पहनकर गौ हत्या करवाएगा तो शंकराचार्य सवाल जरूर उठाएगा.
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
उन्होंने 17 जनवरी की बताई गई घटना को झूठा करार दिया और पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. उनका कहना था कि मेडिकल रिपोर्ट की जानकारी शिकायतकर्ता को कैसे मिल रही है. स्वामी ने आरोप लगाया कि अपराधी खुद जांच को प्रभावित कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि वे हर सरकार के समय अपनी बात रखते रहे हैं और पहले की सरकारों में आंदोलनों के बाद सरकारें पीछे हटती थीं, लेकिन वर्तमान सरकार पर उन्होंने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अब बुलडोजर की राजनीति हो रही है और सरकार धर्म से जुड़े मुद्दों पर बात नहीं मान रही.
संतोष शर्मा