भगवा, सैंडल की जगह जूते... CM योगी के जापान दौरे से पहले पहनावे की चर्चा तेज

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी को सिंगापुर दौरे पर जाएंगे और इसके बाद जापान पहुंचेंगे. इस यात्रा में उनके पहनावे को लेकर चर्चा हो रही है. बताया जा रहा है कि सीएम योगी भगवा पहनकर ही विदेश जाएंगे. जापान में वो सैंडल की जगह सूज पहनेंगे और टोक्यो से 45-50 किलोमीटर दूर हनुमान मंदिर भी जाएंगे.

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo: ITG) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo: ITG)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ ,
  • 19 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:06 PM IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगामी सिंगापुर और जापान दौरे को लेकर चर्चा तेज हो गई है. इस बार चर्चा का केंद्र उनका पहनावा है. बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विदेश यात्रा के दौरान भी भगवा वस्त्र में ही नजर आएंगे.

जानकारी के अनुसार, सीएम योगी 22 फरवरी को सिंगापुर के लिए रवाना होंगे. इसके बाद उनका जापान दौरा प्रस्तावित है. इस यात्रा में पहली बार किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के भगवा पहनकर विदेश जाने की बात सामने आई है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा हो रही है.

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भगवा पहनकर विदेश जाने को लेकर चर्चा तेज

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी जापान यात्रा के दौरान पारंपरिक सैंडल के स्थान पर सूज पहनेंगे. यह भी कहा जा रहा है कि उनका यह दौरा पूरी तरह औपचारिक कार्यक्रमों और बैठकों से जुड़ा रहेगा, लेकिन पहनावे को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है.

टोक्यो से 45-50 किलोमीटर दूर हनुमान मंदिर भी जाएंगे CM

जापान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ टोक्यो से करीब 45 से 50 किलोमीटर दूर स्थित हनुमान मंदिर भी जाएंगे. मंदिर दर्शन को लेकर भी चर्चा हो रही है. मुख्यमंत्री के इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. विदेश यात्रा के दौरान वो सिंगापुर और जापान में कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे. सीएम योगी के भगवा पहनावे, सूज पहनने और जापान के हनुमान मंदिर जाने की खबरों ने दौरे को और ज्यादा चर्चित बना दिया है.

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बता दें, यूपी में आधुनिक परिवहन ढांचे के विस्तार पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोकस लगातार रहा है. जापान दौरे के दौरान मैग्लेव ट्रेन की परीक्षण यात्रा से उन्हें भविष्य की हाईस्पीड और घर्षण रहित रेल तकनीक को करीब से समझने का अवसर मिलेगा. माना जा रहा है कि भारत-जापान सहयोग से स्मार्ट और सतत परिवहन व्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है, जिससे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में भी आधुनिक ट्रांसपोर्ट परियोजनाओं को गति मिल सकती है.

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