उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में अपराध का रास्ता अब सीधे विनाश की ओर ले जाता है. उन्होंने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि अपराध और भ्रष्टाचार के लिए उत्तर प्रदेश में अब कोई जगह नहीं है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधी तो कार्रवाई के दायरे में आएंगे ही, लेकिन जो लोग उन्हें संरक्षण देते हैं, उन्हें भी बख्शा नहीं जाएगा.
लखनऊ में निवेश कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध को बढ़ावा देने वाला हर व्यक्ति इस बात को समझ ले कि यह रास्ता उसे सीधे विनाश की ओर ले जाएगा. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के पहले दिन से ही अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति लागू की गई थी और आज भी उसी सख्ती के साथ इसे आगे बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार का मकसद सिर्फ अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि ऐसा माहौल बनाना है जिसमें अपराध करने की सोच ही कमजोर पड़ जाए.
भ्रष्टाचार पर भी सीधा वार
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में सिर्फ अपराध ही नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी कड़ा रुख दिखाया. उन्होंने कहा कि जीरो करप्शन पॉलिसी को पूरी ताकत के साथ लागू किया जा रहा है. उनका तर्क था कि जहां भ्रष्टाचार कम होता है, वहां निवेश अपने आप बढ़ता है. निवेशकों को भरोसा तभी मिलता है जब उन्हें सिस्टम पारदर्शी और जवाबदेह नजर आता है. मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में निवेश का माहौल यूं ही नहीं बना है. इसके पीछे सख्त प्रशासनिक फैसले और कानून-व्यवस्था में सुधार की बड़ी भूमिका है. उन्होंने कहा कि जब अपराध पर नियंत्रण होता है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगता है, तभी उद्योग और निवेश आगे बढ़ते हैं. उनके मुताबिक, आज उत्तर प्रदेश निवेश के लिए एक भरोसेमंद राज्य के रूप में उभरा है, जहां बड़े उद्योग घराने भी आने को तैयार हैं.
2017 से अब तक का बदलाव
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने 2017 के हालात का जिक्र करते हुए बताया कि उस समय उत्तर प्रदेश बुनियादी ढांचे के मामले में काफी पीछे था. उन्होंने कहा कि उस वक्त राज्य में सिर्फ यमुना एक्सप्रेसवे चालू था और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे भी पूरी तरह तैयार नहीं था. सरकार बनने के बाद सबसे पहले अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर जोर दिया गया. आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूरा कराया गया और फिर नए एक्सप्रेसवे के निर्माण की गति बढ़ाई गई. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज देश में जितने एक्सप्रेसवे बने हैं, उनमें लगभग 55 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है. योगी आदित्यनाथ ने गंगा एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट अब अपने अंतिम चरण में है और अगले महीने तक तैयार होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे, उत्तर प्रदेश का एक्सप्रेसवे नेटवर्क और मजबूत हो जाएगा. मुख्यमंत्री के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी.
आशीष श्रीवास्तव