'CM योगी हमारे हैं और हमेशा रहेंगे, उनके दौर में ही मुझे नौकरी मिली…' मुख्यमंत्री को लेकर बदले अलंकार अग्निहोत्री के सुर

सस्पेंड PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए दिया गया उनका बयान है. केंद्र सरकार पर तीखे हमलों के बीच अलंकार ने साफ कहा कि योगी आदित्यनाथ उनके मुख्यमंत्री हैं और हमेशा रहेंगे. उन्होंने माना कि उनके प्रशासनिक जीवन की शुरुआत योगी सरकार के दौर में हुई और इसमें मुख्यमंत्री का अहम योगदान रहा.

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PCS अलंकार अग्निहोत्री ने सीएम योगी की तारीफ की है (Photo: ITG) PCS अलंकार अग्निहोत्री ने सीएम योगी की तारीफ की है (Photo: ITG)

रंजय सिंह

  • कानपुर ,
  • 01 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:45 PM IST

यूपी की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में रहे सस्पेंड PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री एक बार फिर सुर्खियों में हैं. इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर उनका सुर बदल गया है. जिन बयानों को लेकर पहले यह माना जा रहा था कि अलंकार योगी सरकार से भी नाराज हैं, उन्हीं पर अब उन्होंने खुलकर स्थिति साफ कर दी है. अलंकार अग्निहोत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके हैं और हमेशा रहेंगे. उनके मुताबिक, योगी के शासनकाल में ही उन्हें नौकरी मिली और उनके जीवन व करियर में मुख्यमंत्री का अहम योगदान रहा है.

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मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने यह साफ कहा कि किसी भी कीमत पर कोई बाहरी व्यक्ति हमारे राज्य में आकर मुख्यमंत्री योगी का अपमान नहीं कर सकता. अलंकार ने यह भी कहा कि उनके कुछ व्यक्तिगत और प्रशासनिक मुद्दे थे, जिन्हें उन्होंने उचित मंचों पर उठाया. लेकिन इन मुद्दों को मुख्यमंत्री योगी से दूरी के रूप में देखना गलत है. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी शिकायतें किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था से जुड़ी थीं.

योगी जी के दौर में ही मुझे नौकरी मिली

अपने बयान में अलंकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनका पूरा प्रशासनिक सफर योगी सरकार के दौर में ही शुरू हुआ. उन्होंने कहा, मुझे जो नौकरी मिली, वह माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में ही मिली.  अलंकार अग्निहोत्री ने अपने मुद्दों के समाधान को लेकर एक अहम जानकारी भी साझा की. उन्होंने बताया कि हाल ही में शंकराचार्य श्री मुक्तेश्वरानंद जी महाराज बनारस पहुंचे हैं और इस पूरे मामले में संवाद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. अलंकार के मुताबिक, उन्हें अधिकारियों के माध्यम से यह सूचना मिली है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को शंकराचार्य से बातचीत के लिए लगाया है. उनका दावा है कि इन प्रयासों से जल्द ही किसी सकारात्मक समाधान की उम्मीद है. उन्होंने कहा, हमारे कुछ मुद्दे थे, जिन्हें हमने उठाया. अब उन पर संवाद हो रहा है. मुझे पूरी उम्मीद है कि इसका समाधान निकलेगा.

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अब सिस्टम में वापसी नहीं

जहां मुख्यमंत्री योगी को लेकर अलंकार का रुख नरम और सम्मानजनक दिखाई दिया, वहीं अपने निलंबन और भविष्य को लेकर उन्होंने बेहद साफ और दो टूक बात कही. अलंकार ने कहा कि अब उनका सिस्टम में वापस लौटने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने कहा, मैंने खुद को मानसिक रूप से इसके लिए तैयार कर लिया है कि आगे की लड़ाई सिस्टम के बाहर रहकर ही लड़नी है. बहुत सारे ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर काम करना है और वह काम सिस्टम के अंदर रहकर शायद संभव नहीं है. अलंकार का मानना है कि सिस्टम के भीतर रहते हुए कई बार व्यक्ति अपनी पूरी बात खुलकर नहीं रख पाता. उन्होंने कहा कि अब जब वह सिस्टम का हिस्सा नहीं हैं, तो वह बिना किसी दबाव के अपनी बात रख सकते हैं. उनके मुताबिक, सिस्टम के बाहर रहकर मैं ज्यादा बेबाक हूं. मैं उन मुद्दों पर खुलकर बोल सकता हूं, जिन पर पहले बोलना मुश्किल था.

परिवार के इस्तीफों पर सफाई

अलंकार अग्निहोत्री ने मीडिया में चल रही उन खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी, जिनमें उनके परिवार के कई सदस्यों के इस्तीफे की बात कही जा रही थी. उन्होंने साफ किया कि इन खबरों में सच्चाई नहीं है. अलंकार ने बताया कि उनकी माता ने इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी वीआरएस लिया था. इसके अलावा किसी अन्य पारिवारिक सदस्य के इस्तीफे की खबरों को उन्होंने निराधार बताया. उन्होंने मीडिया से अपील की कि ऐसी संवेदनशील खबरों को प्रकाशित करने से पहले तथ्यात्मक सत्यापन जरूर किया जाए.

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उन्होंने दोहराया कि योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और प्रदेश के हित में लिए गए फैसलों का सम्मान किया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी बाहरी ताकत को प्रदेश की राजनीति या प्रशासन में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं होना चाहिए. उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट किया कि उनका फोकस राजनीति नहीं, बल्कि मुद्दों पर है. उन्होंने कहा कि वह किसी पद या सत्ता की लड़ाई नहीं लड़ रहे, बल्कि सामाजिक और संवैधानिक सवालों को उठा रहे हैं. उनके मुताबिक, मैं राजनीति में जाने या किसी पद की इच्छा से यह सब नहीं कर रहा हूं. मेरा मकसद सिर्फ मुद्दों को सामने लाना है.

 

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