मजाक-मजाक में उजड़ गए दो परिवार: प्रेमी ने भेजा ऐसा वीडियो, प्रेमिका ने लगा ली फांसी, फिर खुद भी दी जान

चित्रकूट के बरगढ़ में एक प्रेमी युगल की शादी की तैयारियां मातम में बदल गईं. फोन पर बातचीत के दौरान प्रेमी द्वारा फांसी लगाने के नाटक ने प्रेमिका को इतना डरा दिया कि उसने सच में जान दे दी. प्रेमिका की मौत देख जयपुर में मौजूद प्रेमी ने भी फंदे से झूलकर खुदकुशी कर ली.

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कपल ने लगाई फांसी, परिवार में मातम (Representational Photo) कपल ने लगाई फांसी, परिवार में मातम (Representational Photo)

aajtak.in

  • चित्रकूट ,
  • 20 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:38 PM IST

यूपी के चित्रकूट से हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहां खेल-खेल में दो लोगों की जान चली गई. दरअसल, एक कपल की शादी तय थी. फोन पर उनकी बातें होती थीं. इस बीच जयपुर में बैठे लड़के ने मजाक में फांसी का वीडियो बनाकर लड़की को भेज दिया. ये देखकर लड़की डर गई और वह सच में फंदे पर झूल गई. इस बात से लड़का आहत हो गया और उसने भी अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. 

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आपको बता दें कि चित्रकूट के बरगढ़ थाना क्षेत्र में रहने वाले अंकित तिवारी और नंदिनी तिवारी के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों के परिजन शादी के लिए राजी हो चुके थे और जल्द ही सगाई होने वाली थी. अंकित जयपुर में रहकर पुरोहिताई करता था और वहीं से नंदिनी से फोन पर बात करता था. बातचीत के दौरान अंकित ने नंदिनी के प्रेम की परीक्षा लेने के लिए फांसी लगाने का नाटक किया, जिसे सच समझकर नंदिनी ने अपने घर में फांसी लगा ली. अपनी होने वाली पत्नी को फंदे पर लटका देख अंकित ने भी आवेश में आकर जयपुर में आत्महत्या कर ली.

मजाक-मजाक में दो की मौत

अंकित तिवारी जयपुर में अपने भाई के साथ रहता था. अंकित और नंदिनी की शादी तय होने के बाद दोनों अक्सर फोन पर भविष्य की बातें करते थे. बताया जा रहा है कि एक कॉल के दौरान दोनों के बीच किसी बात पर बहस हुई और अंकित ने फांसी पर लटकने का स्वांग रचा. अंकित तो सिर्फ नाटक कर रहा था, लेकिन नंदिनी ने इसे सच मान लिया और घबराकर सचमुच मौत को गले लगा लिया.

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प्रेमिका को खोते ही प्रेमी ने गंवाई जान

नंदिनी को वीडियो कॉल या बातचीत के दौरान फंदे पर लटकते देख जयपुर में मौजूद अंकित गहरे सदमे और आवेश में आ गया. उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने भी वहीं फांसी लगा ली. कई घंटों तक जब बरगढ़ में नंदिनी का कमरा नहीं खुला, तो परिजनों ने रोशनदान से झांककर देखा. अंदर नंदिनी का शव लटका हुआ था. आनन-फानन में दरवाजा तोड़कर शव नीचे उतारा गया.

बिना पुलिस को बताए अंतिम संस्कार

हैरानी की बात यह है कि नंदिनी के परिजनों ने इस दुखद घटना की सूचना पुलिस को देना जरूरी नहीं समझा. बदनामी या किसी अन्य डर से परिवार ने गुपचुप तरीके से नंदिनी का अंतिम संस्कार कर दिया. अंकित के भाई विपिन तिवारी ने बताया कि जयपुर में उनके अच्छे रसूखदार लोगों से संपर्क थे और अंकित वहां मंदिर में काम करता था. एक छोटे से नाटक ने दोनों परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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रिपोर्ट- संतोष बंसल

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