'तेरा बेटा किडनैप, 40 लाख लेकर आ जा', चित्रकूट के आयुष केसरवानी हत्याकांड में पिता ने बताई पूरी कहानी

चित्रकूट के व्यापारी अशोक केसरवानी के बेटे आयुष का फिरौती के लिए अपहरण हुआ, जिसकी बाद में हत्या कर दी गई. पूर्व किराएदार इरफान और कल्लू ही 'कातिल' निकले. इस घटना से भड़के जनाक्रोश के बीच पुलिस ने शुक्रवार सुबह मुठभेड़ में कल्लू को ढेर कर दिया और इरफान को घायल अवस्था में पकड़ा.

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चित्रकूट के आयुष हत्याकांड के आरोपियों का एनकाउंटर (Photo-Screengrab) चित्रकूट के आयुष हत्याकांड के आरोपियों का एनकाउंटर (Photo-Screengrab)

aajtak.in

  • चित्रकूट,
  • 24 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:20 AM IST

'तेरा बेटा आयुष केसरवानी किडनैप हो चुका है, 40 लाख फिरौती लेकर घाटी पर आ जा, ज्यादा होशियारी नहीं...', गुरुवार शाम जब चित्रकूट के व्यापारी अशोक केसरवानी के पास ये धमकी भरा कॉल आया तो उनके होश उड़ गए. डरे-सहमे अशोक ने पुलिस को सूचना दी. खबर मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया. फौरन तलाशी अभियान शुरू हुआ. देखते ही देखते बरगढ़ थाना क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया. सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. लोगों से पूछताछ की गई. 

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आयुष की लाश मिलने के बाद भड़का गुस्सा

लेकिन कुछ ही घंटे बाद पुलिस को आयुष की लाश मिली, जिसके बाद पब्लिक का गुस्सा भड़क उठा. सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए. पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. हालात बिगड़ते देख खुद एसपी समेत आला अधिकारियों को मैदान में उतरना पड़ा. आक्रोशित भीड़ को किसी तरह शांत कराया गया. वहीं, अगली सुबह यानी शुक्रवार को आरोपियों का एनकाउंटर हो गया. आयुष के 'कातिल' अकरम उर्फ़ कल्लू और इरफान अंसारी निकले. ये मृतक के घर में किरायेदार रहे थे. 

पुलिस ने बताया कि प्रयागराज जिले के रहने वाले इरफान और कल्लू चित्रकूट के बरगढ़ में आयुष के पिता की किराए की दुकान में बक्से/ड्रम आदि बनाने का काम करते थे. कल्लू वहां मिस्त्री के तौर पर कार्यरत था. बीते दिसंबर में काफी रकम बकाया होने के चलते दुकान खाली करा ली गई थी. ये भी रंजिश एक वजह हो सकती है. हालांकि, फोन पर 40 लाख फिरौती मांगी गई थी. फिलहाल, एनकाउंटर में एक आरोपी कल्लू की मौत हो चुकी है, जबकि इरफान के पैर में गोली लगी है. 

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बगल में ही थे 'कातिल' 

आयुष के पिता के मुताबिक, खुलासे से पहले फिरौती मांगने वाले 'कातिल' उसके बगल में ही थे. उनकी बातें सुन रहे थे. उन्हें हमारे मूवमेंट की खबर थी. बकौल अशोक- बड़े बेटे ने इरफान पर शक जताया तो उसके कमरे की तलाशी ली गई जहां बक्से से आयुष की लाश बरामद हुई. आशंका है कि पकड़े जाने के डर से आयुष की हत्या कर दी गई थी मगर फिरौती उसके बाद भी मांगी जा रही थी. 

एक आरोपी ढेर, दूसरा अस्पताल में 

बरगढ़ कस्बे में व्यापारी के बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच के अनुसार, पूर्व किरायेदार इरफान ने आपसी अनबन का बदला लेने के लिए अपने साथी कल्लू के साथ मिलकर इस साजिश को रचा. आयुष इरफान से परिचित था, इसलिए वह आसानी से उसके साथ चला गया, जिसके बाद आरोपियों ने उसकी हत्या कर शव बक्से में छिपा दिया.

इस घटना से आक्रोशित व्यापारियों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया, जिसे देखते हुए जिले भर की पुलिस तैनात की गई. शुक्रवार तड़के पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी कल्लू ढेर हो गया, जबकि इरफान घायल है और अस्पताल में भर्ती है. पुलिस अधीक्षक के अनुसार, आरोपियों ने परिचय का फायदा उठाकर इस अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया था. वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और आला अधिकारी मौके पर नजर बनाए हुए हैं.

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