उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला. उन्होंने खासकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब थी और 'गुंडे व माफिया समानांतर सरकार' चला रहे थे. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उस समय 'वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया' जैसी स्थिति थी और प्रदेश की छवि अराजकता से जुड़ी हुई थी. मुख्यमंत्री के इन बयानों पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पलटवार किया. उन्होंने आरोप लगाया, 'मुख्यमंत्री जी खुद उपद्रवी थे, उनपर दर्ज मुकदमे 2017 से पहले के हैं, समाजवादियों ने तो उन्हें बचाया है.' अखिलेश ने कहा, भाजपा के गठन के समय खुद को समाजवादी बताने के लिए पार्टी ने जयप्रकाश नारायण (जेपी) की तस्वीर का सहारा लिया था.
मुख्यमंत्री पर 2017 से पहले कई मुकदमे दर्ज थे
अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री पर 2017 से पहले के कई मुकदमे दर्ज थे और समाजवादियों ने ही उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि 'उपद्रव, आगजनी और नफरत फैलाना' मुख्यमंत्री की राजनीति का हिस्सा रहा है.
अखिलेश ने कहा, 'मुख्यमंत्री जी खुद उपद्रवी थे, उनपर दर्ज मुकदमे 2017 से पहले के हैं, समाजवादियों ने तो उन्हें बचाया है. उपद्रव, आगजनी, नफरत फैलाना यह मुख्यमंत्री जी का काम रहा है. मुख्यमंत्री जी यह बात नहीं जानते होंगे कि जिस समय बीजेपी का गठन हो रहा था उस समय उन्हें अपने आप को समाजवादी बताना था तो इन्होंने जेपी की ही तस्वीर लगाकर पूरी दुनिया को बताया कि यही हमारे समाजवादी नेता हैं.'
शंकराचार्य के रथ को रोककर अपमान किया
सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य के रथ को रोका और उनका अपमान किया. साथ ही उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार ने मणिकर्णिका घाट और राजमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा से जुड़े मामलों में गलत कदम उठाए तथा कई मंदिरों को नुकसान पहुंचाया.
बिना डिग्री के शंकराचार्य जी का अपमान किया
अखिलेश ने कहा, 'पूजनीय शंकराचार्य जी के रथ को इन्होंने धक्का मारा, स्नान नहीं करने दिया. बिना डिग्री के योगी जी ने हमारे पूजनीय शंकराचार्य जी का अपमान किया. पूरे देश के पाल समाज और सनातन समाज के लोग मुख्यमंत्री से नाराज हैं, क्योंकि उन्होंने मणिकर्णिका घाट ही नहीं, राजमाता अहिल्याबाई की मूर्ति को भी तोड़ा है, इन्होंने 100 मंदिर तोड़े हैं.'
क्या बोले CM?
सीएम योगी ने विधानपरिषद में कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में 'रूल ऑफ लॉ' स्थापित किया है. उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश में 'न दंगा, न कर्फ्यू' की स्थिति है और राज्य विकास व उत्सव की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि पहले जिस प्रदेश को 'उपद्रव प्रदेश' कहा जाता था, वह आज 'उत्सव प्रदेश' बन चुका है. हालांकि इन आरोपों पर सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. विधान परिषद में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के चलते राजनीतिक माहौल गरमा गया है.
समर्थ श्रीवास्तव