'मां स्वस्थ होतीं तो बेहतर कर पाती...' मुश्किलों के बीच स्कूल टॉपर बनी बेटी की कहानी

बाराबंकी में सीबीएसई 12वीं बोर्ड के नतीजों ने कई प्रेरणादायक कहानियां सामने ला दीं. किसी ने बीमारी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच सफलता हासिल की तो किसी ने सोशल मीडिया से दूरी बनाकर लक्ष्य साधा. संघर्ष, अनुशासन और मेहनत के दम पर छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम रोशन किया और नई मिसाल पेश की.

Advertisement
12वीं में स्कूल टॉपर बिटिया के संघर्ष की कहानी (Photo: itg) 12वीं में स्कूल टॉपर बिटिया के संघर्ष की कहानी (Photo: itg)

सैयद रेहान मुस्तफ़ा

  • बाराबंकी ,
  • 14 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:55 AM IST

उत्तर प्रदेश में बाराबंकी के जयपुरिया, आकांक्षा स्कूल के साथ लखनऊ पब्लिक इंटरनेश्नल स्कूल (LPIS) के छात्र छात्राओं ने सीबीएसई के 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप किया है. LPIS की छात्रा मिस्बाह बारी ने 92% अंक हासिल कर न सिर्फ अपने स्कूल बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है. लेकिन ये सफलता सिर्फ नंबरों की कहानी नहीं, बल्कि संघर्ष, जिम्मेदारियों और हिम्मत की मिसाल है.

Advertisement

रोज का मुश्किल रूटीन

मिस्बाह की मां पिछले एक साल से पैरालिसिस अटैक के कारण बिस्तर पर हैं. घर की जिम्मेदारी, मां की देखभाल और पढ़ाई- इन सबके बीच मिस्बाह ने कभी हिम्मत नहीं हारी. सुबह मां की सेवा करना, पिता का ख्याल रखना और फिर समय से स्कूल पहुंचना, यही उसकी रोज की दिनचर्या थी.

मिस्बाह के पिता एक टेलर मास्टर हैं और सीमित संसाधनों में परिवार का सहारा बने हुए हैं. कठिन हालात के बावजूद मिस्बाह ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया.

'अगर मां स्वस्थ होतीं, तो शायद...'

मिस्बाह कहती है,- 'मैं मां-बाप की अकेली संतान हूं. मां की तबीयत खराब थी, इसलिए उनकी पूरी जिम्मेदारी मेरे ऊपर थी. फिर भी मैंने पढ़ाई नहीं छोड़ी. हालांकि मुझे अपने 92% नंबरों से पूरी संतुष्टि नहीं है. अगर मां स्वस्थ होतीं, तो शायद मैं और बेहतर कर पाती.'
मिस्बाह का सपना अब सिविल सर्विसेज में जाकर देश की सेवा करने का है.

Advertisement

स्कूल की प्रिंसिपल शालिनी तिवारी ने कहा कि मिस्बाह उन बच्चों के लिए प्रेरणा है, जिन्हें हर सुविधा मिलने के बावजूद पढ़ाई में मन नहीं लगता. उन्होंने कहा कि इतनी मुश्किल परिस्थितियों में भी मिस्बाह ने जिस मेहनत और लगन से सफलता हासिल की, वह काबिले तारीफ है.

सोशल मीडिया से दूर रहकर टॉपर्स ने की पढ़ाई

वहीं इसी स्कूल की एक और होनहार छात्रा अवंतिका वर्मा ने 96.2% अंक हासिल किए हैं. डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली अवंतिका का कहना है कि मोबाइल और डिजिटल दौर में ध्यान भटकना आसान है, लेकिन परीक्षा के समय उन्होंने खुद को सोशल मीडिया से दूर रखा और पूरी मेहनत पढ़ाई में लगाई.

वहीं जयपुरिया स्कूल ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 12वीं की मेरिट में बाराबंकी के बेटों ने अपनी मेधा का परचम लहराया. 98.6 प्रतिशत अंक के साथ जयपुरिया के तन्मय साहू जिला स्तरीय सूची में पहले स्थान पर रहे. इसी कॉलेज की विभूति मिश्रा 98 फीसदी अंकों के साथ दूसरे और अहम सिंह 97.8 प्रतिशत अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे. बाराबंकी की इन बेटियों ने साबित कर दिया कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता जरूर मिलती है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement