उत्तर प्रदेश के महोबा में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. मध्य प्रदेश की रहने वाली एक छात्रा महोबा शहर में रहकर नीट की परीक्षा की तैयारी कर रही थी. बीती 30 अप्रैल को जब वह कोचिंग से घर लौट रही थी, तभी कार सवार दबंगों ने उसे जबरन अगवा कर लिया और तब से वह लापता था. पुलिस ने अब पूरे 16 दिन बाद छात्रा को बरामद तो कर लिया, लेकिन पीड़िता ने जो आपबीती सुनाई, वह रूह कंपा देने वाली है.
पीड़िता के मुताबिक उसी के गांव के मोहित श्रीवास ने अपने साथी अंकित श्रीवास और हल्लू राजपूत सहित करीब आधा दर्जन आरोपियों ने उसे प्रयागराज में बंधक बनाकर रखा. इस दौरान उसे हर दो घंटे में नशीले इंजेक्शन दिए गए और उसके साथ मोहित ने दुष्कर्म किया. विरोध करने पर दरिंदों ने उसे सिगरेट से दागा और चाकू से वार किए. भाई की फोटो दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और जबरन मोहित ने शादी भी रचाई. अब पीड़िता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ और दोषियों को फांसी की मांग कर रही है. इस वीभत्स घटना के सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश है. अस्पताल में इलाज करा रही पीड़िता दहशत से कांप रही है.
घटना की गंभीरता को देखते हुए अब इस पर सियासत भी गरमा गई है. कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है. कांग्रेस के प्रदेश सचिव ब्रजराज सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर पार्टी इस घटना पर नजर बनाए हुए है.कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी पीड़िता से फोन पर बात की है. वहीं कांग्रेस के प्रदेश सचिव ब्रजराज सिंह ने आरोपियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई और पीड़िता को बेहतर इलाज देने की मांग की है. साथ ही एलान किया कि कांग्रेस का एक प्रांतीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही पीड़िता से मिलने महोबा पहुंचेगा.
फिलहाल गंभीर रूप से बीमार और डरी हुई छात्रा को पुलिस सुरक्षा में महोबा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसकी देखरेख में जुटी है. अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर ने बताया कि छात्रा की एमएलसी जांच कराई जा चुकी है.
इस पूरे मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह बताती है कि दिनांक 1 मई 2026 को छतरपुर निवासी एक महिला ने कोतवाली नगर महोबा में अपनी 25 वर्षीय पुत्री के गुमशुदा होने की सूचना दी थी और कुछ नामजद अभियुक्तों के विरुद्ध तहरीर दी थी. तहरीर के आधार पर कोतवाली में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करते हुए तत्काल प्रभाव से अपहृता की शीघ्र बरामदगी के लिए चार टीमों का गठन किया गया था. टीमों के सार्थक प्रयास से दिनांक 16 मई को युवती की सकुशल बरामदगी करते हुए उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया जा चुका है. आरोपियों को हिरासत में लेते हुए पूछताछ जारी है उन्हें शीघ्र ही न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा.
Input: नाहिद अंसारी
aajtak.in