यूपी के महोबा की चरखारी विधानसभा से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत उर्फ गुड्डू राजपूत ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग पर बड़े सवाल खड़े किए हैं. बृजभूषण राजपूत ने 'आज तक' से बातचीत में कहा कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहा है, हत्याएं हो रही हैं और जो हत्यारे हैं उनके खिलाफ तुरंत पुलिस के द्वारा कार्रवाई नहीं हो रही है. इसके लिए मुझे डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह, उप मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री जी से मिलकर मदद मांगनी पड़ रही है.
भाजपा विधायक ने कहा कि एक मामला मेरी विधानसभा चरखारी का हैं, जहां अनिल चौरसिया की हत्या हुई. सीसीटीवी में हत्या कैद भी हुई, जो हत्यारे हैं वह बलात्कार के आरोप में जेल जा चुके हैं. पैरोल पर बाहर आए हैं. उन्होंने ही इस घटना को अंजाम दिया है. हत्या करने से पहले कई लोगों के साथ मारपीट की गई, गाली गलौज की गई. आरोपी हेमू सिंह है, जो कट्टा निकाल कर दिया उसका नाम बॉबी है. मगर दुख की बात यह है कि खुद पुलिस सीसीटीवी सबूत मिटाना चाह रही थी, मुकदमा नहीं लिखना चाह रही थी.
बकौल विधायक बृजभूषण राजपूत- इस केस में डीआईजी बांदा से फोन पर बात करने के बाद भी थानेदार हत्या की धारा के बजाए गैर इरादतन हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज करता है. आखिर किसके दबाव में काम हो रहा है. स्थानीय विधायक होने के नाते मुझे लखनऊ आना पड़ा, डीजीपी को यह बात बतानी पड़ी. जब उन्होंने फोन किया तब जाकर रात में पुलिस ने विवेचना में हत्या की धारा बढ़ाई.
सीएम योगी लें संज्ञान: भाजपा विधायक
विधायक ने कहा कि यह समीक्षा का विषय है. माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को इसकी समीक्षा अच्छे से करनी चाहिए. क्योंकि अधिकारी गुमराह करने का काम कर रहे हैं. मुख्यमंत्री की मंशा साफ है लेकिन अधिकारी मुख्यमंत्री को गुमराह कर रहे हैं. जिससे बहुत से ऐसे लोग हैं जो प्रताड़ित हैं, पीड़ित हैं, उनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है.
भाजपा विधायक यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि एक और मामला फर्रुखाबाद है जिसमें दो बेटों की हत्या होती है. मगर 80 दिन बीत जाने के बाद भी मृतकों के पिता को जिनके ऊपर शंका है उन लोगों पर एक्शन नहीं लिया गया. उसमें भी मुझे मुख्यमंत्री के पास तक जाना पड़ा. मुख्यमंत्री जी ने विश्वास दिलाया है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.
अनिल चौरसिया का मर्डर
बता दें कि महोबा की चरखारी थाना क्षेत्र में बीते 9 सितंबर को हुई व्यापारी अनिल चौरसिया की गोली मारकर हत्या की गई थी. अनिल चौरसिया के भाई अखिलेश और मोहित का आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज में हिस्ट्रीशीटर धीरेंद्र सिंह उर्फ राजा गोली मारते और उसके साथी बॉबी राजा परमार असलहा देते दिखाई पड़ रहे हैं. उसके बावजूद पुलिस ने पहले तो नामजद एफआईआर लिखने के बजाए गैर इरादतन हत्या का केस लिखवाने की कोशिश की. फिर पुलिस सीसीटीवी फुटेज को ही मिटाने की कोशिश कर रही थी. लेकिन मामला विधायक के जरिए डीजीपी तक पहुंचा तब जाकर विवेचक ने हत्या की धाराएं बढ़ाई. लेकिन पैरोल पर छूटे धीरेंद्र राजा और पिस्टल देने वाला बॉबी राजा अभी भी गिरफ्तार नहीं हुआ है.
फर्रुखाबाद हत्याकांड
फर्रुखाबाद के जहानगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले छविनाथ सिंह के 32 वर्षीय बेटे गुलाब सिंह और 22 वर्षीय बेटे अजीत सिंह की बीती 19 जुलाई को हत्या कर दी गई थी. छविनाथ सिंह का आरोप है की मक्के के खेत में दूसरे संप्रदाय के दबंगों के जानवर खेत में घुस आए थे जिसको लेकर मारपीट हुई थी. जिसका जिक्र छोटे बेटे अजीत ने अपनी भाभी से दोपहर में किया था. शाम को जब दोनों भाई दोबारा खेत पर पहुंचे और काफी देर तक घर नहीं लौटे तो परिवार वालों ने मोबाइल पर कॉल किया.
जवाब नहीं मिला तो खोजने गए. देखा कि खेत में मोबाइल पड़ा है. फिर टॉर्च की रोशनी में इधर-इधर नजर दौड़ाई तो देखा कि दोनों के शव पास के कुएं में पड़े हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ तौर पर चोट के निशान लिखे गए, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की.
संतोष शर्मा