उत्तर प्रदेश के बिजनौर से एक नृशंस हत्या का मामला सामने आया है. दरअसल, यहां के स्योहारा कस्बे के गांव जुझैला निवासी दलित समाज के युवक गुलशन का गांव रहटोली की रहने वाली एक युवती से पिछले तीन वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था. वे दोनों आपस में शादी भी करना चाहते थे लेकिन दोनों की जातियां अलग-अलग होने के कारण परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे समाज में इज्जत की खातिर लड़की के परिजनों ने कई बार गुलशन और अपनी बेटी को भी समझाया और प्रेम संबंध समाप्त करने के लिए बाध्य किया लेकिन दोनों इसके लिए तैयार नहीं हुए.
अभी एक हफ्ते पहले दोनों ने परिवार की चोरी से कोर्ट मैरिज कर ली और कोर्ट मैरिज करने के बाद युवती चुपचाप अपने परिवार के पास जाकर रहने लगी. लेकिन जब परिवार को यह पता लगा कि दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली है तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. उन्होंने इसके लिए अपनी बेटी के प्रेमी को ही रास्ते से हटाने का निर्णय लिया और योजनाबद्ध तरीके से उसकी हत्या करने की ठान ली. जब 29/ 30 अप्रैल की रात को वह जब अपनी प्रेमिका से मिलने उसके गांव पहुंचा तो वहां पहले से घात लगाए लड़की के भाई अतर सिंह, पुष्पेंद्र और रजनीश सैनी ने अपने और 10 से 12 साथियों के साथ मिलकर गुलशन को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई करते हुए उसे गांव के पास से गुजर रही रेलवे लाइन पर ले गए. उन्होंने सामने से आ रही देहरादून हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के सामने उसे धक्का देकर उसकी हत्या कर दी.
सवेरे उसकी लाश रेलवे ट्रैक पर मिली तो परिजन मौके पर पहुंचे पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया इस दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि उनकी बहू के परिजनों ने बेटे की हत्याकर उसे ट्रैक पर फेंका है, लेकिन पुलिस उसे हादसा मानकर कार्रवाई कर रही थी. जब पोस्टमार्टम के बाद गुलशन की लाश गांव पहुंची तो परिजनों ने गांव वालों के साथ मिलकर उसके शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया. उनका आरोप था कि पहले पुलिस लड़की के परिजनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करे उसके बाद ही वह शव का अंतिम संस्कार करेंगे.
सूचना मिलने के बाद आजाद समाज पार्टी के नेता और कार्यकर्ता भी गांव में पहुंच गए 26 घंटे तक गांव में मुकदमा दर्ज करने को लेकर हंगामा चलता रहा 26 घंटे बाद पुलिस ने मृतक के पिता नृपेंद्र की तहरीर पर लड़की के भाई और उसके 10 से 12 साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया तब जाकर 28 घंटे बाद गुलशन के शव का अंतिम संस्कार किया गया. इसके बाद पुलिस ने जांच करते हुए जब युवती के बयान और उसके भाइयों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया तो पूरी घटना का खुलासा हो गया.
संजीव शर्मा (बिजनौर)