उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की जेल में बंद हिस्ट्रीशीटर कैदी दीपक कुमार की संदिग्ध मौत के बाद रविवार को भारी हंगामा खड़ा हो गया. ग्राम पृथ्वीपुर निवासी दीपक पिछले सवा साल से जेल में सजा काट रहा था और उसके खिलाफ लूट व डकैती समेत आधा दर्जन मुकदमे दर्ज थे. दोपहर के समय जेल परिसर में आम के पेड़ से रस्सी के सहारे उसका शव लटका मिलने से अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलते ही मजिस्ट्रेट, पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.
जेल प्रशासन ने पहले परिजनों को दीपक के बीमार होने की सूचना देकर बुलाया, लेकिन जेल पहुंचने पर जब उन्हें मौत की जानकारी मिली तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया. घटना की खबर फैलते ही परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण बड़ी संख्या में पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए. उनके साथ बहुजन पैंथर ऑफ इंडिया के कार्यकर्ता भी मौजूद थे.
पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद भीड़ ने दीपक का शव बाहर निकालने की कोशिश की, जिसे लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई. स्थिति इतनी बिगड़ी कि हाथापाई और खींचतान तक की नौबत आ गई. हालात काबू करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल बुलाया गया, लेकिन हंगामा जारी रहा.
पोस्टमार्टम हाउस से जजी चौक तक बढ़ा बवाल
हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा था और इस दौरान पुलिस तथा पैंथर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोनी के बीच भी तीखी बहस और धक्का-मुक्की हुई. पोस्टमार्टम परिसर में काफी देर तक तनाव बना रहा. इसके बाद परिजन और ग्रामीण जजी चौक पहुंच गए और महिलाओं ने सड़क पर बैठकर और लेटकर जाम लगा दिया.
जाम के दौरान एक निजी कार्यक्रम में आए अजय साहनी की गाड़ी को भी महिलाओं ने रोक लिया. महिलाएं डीआईजी की गाड़ी के आगे लेट गईं, जिससे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की, लेकिन विरोध जारी रहा और काफी खींचतान के बाद किसी तरह गाड़ी को जाम से निकलवाया गया.
इसके बाद भीड़ जेल पहुंच गई और जेलर व जेल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर फिर हंगामा शुरू कर दिया. पोस्टमार्टम हाउस से जेल तक करीब तीन घंटे तक लगातार विरोध और तनाव की स्थिति बनी रही.
जेल प्रशासन और कैदियों पर हत्या का आरोप
भीड़ में शामिल लोगों ने जेल कर्मियों और गांव स्वाहेड़ी के रहने वाले पांच कैदियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की. बाद में भीड़ के पांच प्रतिनिधियों को जेल के अंदर ले जाकर अधिकारियों से बातचीत कराई गई और पूरी स्थिति से अवगत कराया गया. अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन भीड़ संतुष्ट नहीं हुई.
मृतक के जीजा राकेश ने आरोप लगाया कि दीपक ने एक दिन पहले ही जेल में अपनी जान को खतरा बताया था. उन्होंने कहा कि बैरक बदलने के लिए पैसे मांगे गए थे और मिलाई के दौरान भी पैसे लिए जाते थे. होली के समय उस पर हमला भी हुआ था और शिकायत के बाद उसे तन्हाई बैरक में डाल दिया गया था. उन्होंने जेल प्रशासन और पांच कैदियों को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया.
दीपक के ताऊ और रिटायर्ड इंस्पेक्टर दिलेराम सिंह ने कहा कि उन्हें बताया गया था कि दीपक की जमानत हो गई है और सोमवार को रिहाई होनी थी. उन्होंने सवाल उठाया कि जेल में तलाशी के बाद सामान जाता है, फिर रस्सी कैसे पहुंची. उन्होंने इसे हत्या बताते हुए कार्रवाई की मांग की.
पुलिस का बयान और जांच शुरू
एसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने बताया कि जेल से आत्महत्या की सूचना मिलने पर मजिस्ट्रेट, पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए गए. दीपक हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे. जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने बताया कि जेल अधीक्षक ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को निलंबित करने की रिपोर्ट भेज दी है और मामले की जांच जारी है. वहीं दीपक के परिजन और पैंथर पार्टी के नेता जेल में अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं, जबकि जेल के बाहर अभी भी भीड़ जमा है.
संजीव शर्मा (बिजनौर)