काजल नहीं वो 'नूरजहां' थी! बदायूं में बनते थे फर्जी आधार, संभल में सजती थी डोली, फिर गहने लेकर भाग जाती थीं बंगाल की 'लुटेरी दुल्हनें'

Sambhal News: यूपी के संभल में पुलिस ने बंगाल की 'लुटेरी दुल्हनों' के एक ऐसे गिरोह को दबोचा है, जो मुस्लिम लड़कियों का असली धर्म छिपाकर हिंदू नामों से शादियां कराता था. गिरोह फर्जी आधार कार्ड बनवाकर परिवारों से लाखों रुपये ऐंठता था और शादी के कुछ ही दिन बाद दुल्हन गहने-नकदी लेकर फरार हो जाती थी.

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संभल में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का पर्दाफाश (Photo- ITG) संभल में 'लुटेरी दुल्हन' गैंग का पर्दाफाश (Photo- ITG)

अभिनव माथुर

  • संभल ,
  • 28 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:31 PM IST

Uttar Pradesh News: संभल पुलिस ने पश्चिम बंगाल से मुस्लिम लड़कियों को लाकर हिंदू परिवारों में शादियां कराने वाले एक शातिर गैंग का खुलासा किया है. इस गिरोह ने पिछले डेढ़ महीने में चार शादियां कराईं, जिनमें से तीन लड़कियां सामान समेटकर फरार हो गईं. चौथी लड़की पूजा उर्फ आयशा खातून को पतरौआ गांव में सामान लेकर भागते समय पकड़ा गया, जिससे इस पूरे नेक्सेस का राज खुला. गिरोह बदायूं में फर्जी आधार कार्ड बनवाकर लड़कियों के हिंदू नाम रखता था और शादी कराने के बदले एक लाख रुपये तक वसूलता था. एसपी केके विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस ने मुख्य ब्रोकर काजल उर्फ नूरजहां, आयशा खातून और उनके साथी राजीव को गिरफ्तार किया है.

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धर्म छिपाकर शादी और फिर बड़ी लूट

पुलिस की जांच में सामने आया कि यह गिरोह बहुत ही पेशेवर तरीके से काम करता था. मैरिज ब्रोकर काजल, जिसका असली नाम नूरजहां खातून है, बंगाल से मुस्लिम लड़कियों को यूपी बुलाती थी. इसके बाद बदायूं में उनके आरती, इशिका और पूजा जैसे हिंदू नाम वाले फर्जी आधार कार्ड बनवाए जाते थे. हिंदू परिवारों से 50 हजार से 1 लाख रुपये लेकर शादी कराई जाती थी. लड़कियों को पहले ही ट्रेनिंग दी जाती थी कि शादी के 4-5 दिन बाद जैसे ही मौका मिले, घर के सारे जेवर और नगदी लेकर चंपत होना है.

एक गलती और गैंग बेनकाब

इस गिरोह की पोल तब खुली जब चंदौसी कोतवाली इलाके के पतरौआ गांव में 'पूजा' नाम की दुल्हन गहने लेकर भागने की फिराक में थी. ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी. जब महिला पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की और उसका आधार कार्ड चेक किया, तो उसका असली नाम आयशा खातून निकला. आयशा ने बताया कि वह अकेली नहीं है, बल्कि काजल और राजीव नाम के लोग इस पूरे खेल को चला रहे हैं. पुलिस ने दबिश देकर ब्रोकर काजल और राजीव को भी गिरफ्तार कर लिया.

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खुद ब्रोकर भी धर्म छिपाकर रह रही थी

चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी काजल उर्फ नूरजहां ने खुद अपना असली धर्म छिपाकर राजीव नाम के युवक से शादी की थी और काजल नाम से रह रही थी. वह अविवाहित हिंदू लड़कों की तलाश करती थी और उन्हें बंगाल की लड़कियों के फोटो दिखाकर शादी का झांसा देती थी. जांच में पता चला कि 22 दिसंबर 2025 से 9 जनवरी 2026 के बीच चार लड़कों- भोले, राजू, प्रवेश और मोनू मिश्रा की शादियां कराई गई थीं. इनमें से तीन दुल्हनें जेवर लेकर फरार हो चुकी हैं, जिनकी तलाश जारी है.

पुलिस का एक्शन 

एसपी केके विश्नोई ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से सोने-चांदी के जेवर और नगदी बरामद हुई है. पूछताछ में यह भी पता चला है कि गिरोह ने आरती और इशिका नाम से शादी करने वाली लड़कियों को मोटरसाइकिल पर बैठाकर भगाने में मदद की थी, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. पुलिस अब उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जो बदायूं में इन लड़कियों के फर्जी आधार कार्ड तैयार करता था. पकड़े गए तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और उनके मोबाइल फोन खंगाले जा रहे हैं.

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