बरेली में सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिक नफरत फैलाने और मोरल पुलिसिंग के नाम पर मुस्लिम लड़कियों को डराने-धमकाने वाले हैदरी दल के सरगना मजहर को गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी को मठ चौकी प्रभारी ने पुराने रोडवेज स्टैंड के पास से पकड़ा. गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस के मुताबिक, मजहर झारखंड का रहने वाला है और लंबे समय से हैदरी दल के नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ और एडिट किए गए वीडियो पोस्ट कर रहा था.
जांच में सामने आया है कि मजहर और उसके साथी एक हिंदूवादी संगठन की तर्ज पर हैदरी दल नाम का ग्रुप बनाकर खुद को समाज सुधारक दिखाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनका मकसद सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना था. हैदरी दल के लोग सार्वजनिक स्थानों पर मोरल पुलिसिंग के नाम पर मुस्लिम लड़कियों को परेशान करते थे. यदि कोई मुस्लिम लड़की किसी हिंदू युवक के साथ दिख जाती थी तो उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता था.
इतना ही नहीं, हिजाब पहनी लड़कियों को पार्क या अन्य सार्वजनिक जगहों पर देखकर यह कहकर डराया जाता था कि वे हिजाब को बदनाम कर रही हैं और काफिरों से दोस्ती कर रही हैं. कई मामलों में यह लोग मारपीट पर भी उतारू हो जाते थे.
पुलिस का कहना है कि मजहर पहले मोमो का ठेला लगाता था. उसने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालना शुरू किया और फॉलोअर बढ़ाने लगा. शुरुआत में वह सामान्य वीडियो पोस्ट करता था, लेकिन बाद में पुराने या दूसरे राज्यों के वीडियो उठाकर उन्हें एडिट करता और उत्तर प्रदेश या बरेली का बताकर वायरल करने लगा. इन वीडियो को वह मुसलमानों पर हो रहे कथित अत्याचार के रूप में पेश करता था. जांच में अधिकांश वीडियो फर्जी या भ्रामक पाए गए.
जांच में यह भी सामने आया कि हैदरी दल के नाम से कई सोशल मीडिया अकाउंट और चैनल चलाए जा रहे थे. यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर बनाए गए इन अकाउंट्स से लगातार भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की जा रही थी. पुलिस ने सर्विलांस की मदद से इन अकाउंट्स की लोकेशन ट्रेस की तो पता चला कि इन्हें झारखंड के गिरिडीह जिले से संचालित किया जा रहा था. 24 मार्च को मजहर ने इंस्टाग्राम पर हैदरी दल ऑफिशियल और राष्ट्रीय हैदरी नाम से आईडी बनाई, जिसके करीब 23 हजार फॉलोअर हो चुके थे.
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, हैदरी दल से जुड़े लोग पहले भी विवादों में रह चुके हैं. पिछले साल 14 फरवरी, वैलेंटाइन डे के दिन बरेली के गांधी उद्यान में हैदरी दल से जुड़े लोगों ने मुस्लिम युवतियों के साथ अभद्रता की थी. आरोप है कि उस दौरान लड़कियों के हिजाब उतारने की कोशिश की गई और उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया. इस घटना के बाद पुलिस ने कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी, लेकिन इसके बावजूद संगठन की गतिविधियां पूरी तरह से बंद नहीं हुईं.
पुलिस ने बताया कि सितंबर 2025 में भी हैदरी दल की गतिविधियां फिर से सामने आई थीं. तब यह लोग अलग-अलग नाम और अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए समाज विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे. जांच के दौरान मजहर के साथियों की भूमिका भी सामने आई. पुलिस पहले ही उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें एक होम्योपैथी डॉक्टर और एक कंप्यूटर साइंस का इंजीनियर शामिल है.
इस पूरे मामले में मौलाना तौकीर रजा का नाम भी चर्चा में रहा है. आरोप है कि उन्होंने पूर्व में हैदरी दल का समर्थन किया था और इनके नाजायज कार्यों के पक्ष में बयान दिए थे. हालांकि पुलिस फिलहाल इस पहलू की भी जांच कर रही है कि किन-किन लोगों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस संगठन को समर्थन दिया.
सीओ सिटी आशुतोष शिवम ने बताया कि हैदरी दल का सरगना और उसके अन्य साथी देश के किसी भी हिस्से के वीडियो उठाकर एडिट करते थे, उन्हें उत्तर प्रदेश का बताकर सोशल मीडिया पर सामाजिक सौहार्द खराब करने की कोशिश करते थे. पूर्व में दर्ज केस में दल के सरगना को गिरफ्तार किया है. उसके पास से मोबाइल बरामद किया है. पुलिस आगे की जांच कर रही है. सीओ ने कहा कि समाज में सांप्रदायिक विद्वेष फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. हैदरी दल से जुड़े अकाउंट्स को चिह्नित कर बंद कराया जा रहा है. ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
कृष्ण गोपाल राज