पापा ये फ्रॉड है... समझाता रहा मासूम बेटा, नहीं माने पापा, चुपके से मोबाइल को फ्लाइट मोड पर रख कर रोकी ठगी

बरेली में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगों ने दंपति को 10 घंटे तक वीडियो कॉल पर बंधक बनाए रखा. आतंकी कनेक्शन का डर दिखाकर बैंक डिटेल हासिल की गई, लेकिन 8वीं के छात्र ने फोन फ्लाइट मोड पर डालकर ठगी नाकाम कर दी. बच्चे की सूझबूझ से बड़ा साइबर फ्रॉड टल गया.

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बच्चे ने रोका डिजिटल फ्रॉड (Photo: itg) बच्चे ने रोका डिजिटल फ्रॉड (Photo: itg)

कृष्ण गोपाल राज

  • बरेली,
  • 10 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 1:21 PM IST

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है. जालसाजों ने बड़ी चालाकी से एक दंपति को अपनी बातों में फंसा लिया.आतंकवादी घटनाओं में शामिल होने की बात कह कर दोनों को डरा लिया और दोनों को लगभग 10 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा. आरोपी बस अपने मंसूबों में कामयाब होने वाले थे लेकिन घर में मौजूद आठवीं क्लास में पढ़ने वाले नाबालिक छात्र ने दंपति को धोखाधड़ी की घटना से बचा लिया . अधिकारियों ने भी जब इस पूरे मामले की जांच पड़ताल की तो हैरानी जताई कि कैसे आठवीं में पढ़ने वाले एक बच्चे की समझदारी से दंपति की जिंदगी बच गई.

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10 घंटे तक रखा डिजिटल अरेस्ट

यह पूरी घटना बरेली का थाना प्रेम नगर क्षेत्र की बताई जा रही है जहां पर एक दंपति को साइबर ठग करीब 10 घंटे तक वीडियो कॉल पर मानसिक रूप से बंधक बनाए रखे लेकिन लूट मचाने में असफल रहे.

आतंकी कनेक्शन के नाम पर डराया

इस पूरे मामले में जानकारी देते हुए एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि प्रेमनगर थाना क्षेत्र के सुरखा बानखाना निवासी व्यापारी संजय सक्सेना को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए आरोप लगाया कि उनका मोबाइल नंबर किसी आतंकी गतिविधि और करोड़ों के घोटाले में इस्तेमाल हुआ है. साइबर ठग ने दंपति को यूनिफॉर्म में वीडियो शेयर कॉलिंग के दौरान अरेस्ट वारंट तक दिखाया, जिससे परिवार में दहशत फैल गई. साइबर अपराधियों ने दंपति को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर लगातार वीडियो कॉल पर रखा.

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हर काम कैमरे के सामने करने की शर्त

साइबर ठगों ने वीडियो कॉलिंग के दौरान दंपति को इतना डरा दिया कि वह बुरी तरह से डर गए. उन्हें घर से बाहर न जाने, हर गतिविधि कैमरे के सामने करने और कॉल चालू रखने के निर्देश दिए गए. यहां तक कि खाना खाने और सोने के दौरान भी कॉल बंद न करने का दबाव बनाया गया. ठगों ने बातों में उलझाकर बैंक खातों से जुड़ी अहम जानकारी भी हासिल कर ली थी और पैसे निकालने की तैयारी में थे.

आधी रात बेटे ने दिखाई समझदारी

आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब होने वाले थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका. दरअसल, संजय सक्सेना के 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले बेटे तन्मय को ठगी का शक हुआ. उसने पिता को समझाने की कोशिश की, लेकिन डर के कारण वे सहमत नहीं हुए. आखिरकार देर रात तन्मय ने साहस दिखाते हुए मोबाइल को एयरोप्लेन मोड पर डाल दिया. इससे ठगों का संपर्क टूट गया और खातों से पैसे निकलने से बच गए.

अगली सुबह परिवार प्रेमनगर थाने पहुंचा. फोन चालू करते ही ठगों की फिर से कॉल आई, जिसे पुलिस ने उठाकर सख्ती से जवाब दिया. एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि इस तरह की वीडियो कॉलिंग आने पर तुरंत ही पुलिस को सूचना दें किसी भी प्रकार का ट्रांजैक्शन ना करें और बैंक डिटेल ना दें.

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