उत्तर प्रदेश के बरेली में गौकशी के आरोपियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी रही. सोमवार के बाद मंगलवार को भी पुलिस ने हाफ एनकाउंटर के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. इस दौरान दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद वे दर्द से कराहते हुए अपनी गलती मानते हुए माफी मांगने लगे. यह घटना भोजीपुरा थाना क्षेत्र की है.
दरअसल, बरेली में हाल ही में गौवंश के अवशेष मिलने के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला था. लगातार विरोध और हंगामा हुआ. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गौ तस्करों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू हुआ. पिछले तीन दिनों से पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.
मंगलवार देर रात पुलिस को सूचना मिली कि शकील पुत्र वकील अहमद, जो धारा टांडा का निवासी है, गंगापुर के जंगलों में छिपा हुआ है और किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है.
सूचना मिलते ही भोजीपुरा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी शुरू की. पुलिस का कहना है कि जब टीम ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी. इसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिसमें शकील और उसके साथी सलीम उर्फ कालिया के पैर में गोली लग गई. हाफ एनकाउंटर के दौरान पुलिस की गोली जैसे ही आरोपियों के पैर में लगी तो वह माफी मांगते हुए गिड़गिड़ाने लगे, आरोपी कहने लगे कि गलती हो गई, अब गलती नहीं करेंगे.
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घायल हालत में दोनों को मौके से पकड़ लिया गया. तलाशी ली गई तो उनके पास से तमंचे, कारतूस और गौकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए. पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं. उनके खिलाफ कई केस दर्ज हैं. सलीम उर्फ कालिया पर करीब आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं.
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. वहीं, दोनों आरोपियों को भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. इलाज के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा.
इससे एक दिन पहले सोमवार को भी पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की थी. पुलिस का कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक जिले में गौकशी और तस्करी की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग जाता.
इसी मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में इज्जतनगर थाना क्षेत्र के सात पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया जा चुका है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने साफ निर्देश दिए हैं कि गौकशी जैसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
कृष्ण गोपाल राज