उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. छोटे-छोटे पिल्लों को बचाने के लिए एक 4 साल का मासूम अपनी जान जोखिम में डाल बैठा और मिट्टी की सुरंग में घुस गया. सुरंग संकरी होने के कारण बच्चा अंदर ही फंस गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांव के लोग मौके पर जुट गए. लोगों ने फावड़ा लेकर मिट्टी हटाकर बच्चे को निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी. मौके पर पहुंची टीम ने कई घंटे की मशक्कत के बाद बुलडोजर की मदद से खुदाई कर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
पीलीभीत बायपास के पास हुई घटना
बताया जा रहा है कि यह घटना बरेली के थाना नवाबगंज क्षेत्र के पीलीभीत-बरेली बायपास रोड के पास गरगैया गांव की है. यहां मजदूर संतोष का 4 वर्षीय बेटा विपिन खेत में खेल रहा था. तभी उसने देखा कि एक मिट्टी की सुरंग के अंदर कुत्ते के पिल्ले बैठे हुए हैं.
पिल्लों को बाहर निकालने के लिए वह सुरंग में घुस गया, लेकिन संकरी सुरंग में अंदर जाकर फंस गया. सुरंग के आसपास की मिट्टी भी ढीली थी, जिससे स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो गई. बच्चे की आवाज सुनकर गांव में हड़कंप मच गया और लोग उसे निकालने के लिए मौके पर जुट गए.
माता-पिता का रो-रोकर हुआ बुरा हाल
बताया जा रहा है कि बच्चे के माता-पिता पास में ही मजदूरी कर रहे थे. काफी देर तक जब बच्चा दिखाई नहीं दिया तो उसकी तलाश शुरू की गई. इसी दौरान पता चला कि बच्चा मिट्टी की सुरंग में फंसा हुआ है.
यह सुनते ही माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के गांव वाले भी मौके पर पहुंच गए. कई लोगों ने अपने स्तर पर बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सुरंग संकरी होने और मिट्टी ढीली होने के कारण कोई सफलता नहीं मिल सकी.
फायर ब्रिगेड ने बुलडोजर से की खुदाई
सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई. टीम ने स्थिति का जायजा लिया और देखा कि सुरंग मिट्टी की बनी है और काफी संकरी है. ऐसे में बचाव अभियान के दौरान मिट्टी गिरने का भी खतरा बना हुआ था, जिससे बच्चे के दबने का डर था.
स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने तुरंत बुलडोजर मंगवाया और सावधानी के साथ मिट्टी हटाने का काम शुरू किया. धीरे-धीरे खुदाई कर सुरंग का रास्ता बनाया गया और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. बताया जा रहा है कि बच्चा अब खतरे से बाहर है और उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है.
विपिन (बच्चा) ने बताया कि वह बरखनपुर में पिल्लों को देखने के लिए गया था और वहीं सुरंग में फंस गया. वहीं बच्चे के पिता संतोष ने बताया कि उनका बेटा कुत्ते के बच्चों को देखने के लिए सुरंग में गया था और उसी दौरान वह अंदर फंस गया.
कृष्ण गोपाल राज