उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में तैनात सहायक अध्यापिका स्कूल में प्रधानाध्यापक के कमरे में फांसी के फंदे पर लटकी मिलीं. सूचना मिलते ही विभाग में सनसनी फैल गई. लोग बड़ी संख्या में स्कूल परिसर में इकट्ठा हो गए. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
यह मामला हरख विकासखंड स्थित कंपोजिट विद्यालय उदवापुर का है. 40 वर्षीय उमा वर्मा दो बच्चों की मां थीं और जलालपुर गांव की रहने वाली थीं. उनके पति ऋषि वर्मा भी सरकारी शिक्षक हैं. परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि लगातार मानसिक उत्पीड़न का नतीजा है.
मृतका के पति ऋषि वर्मा ने कहा कि पिछले ढाई साल से मेरी पत्नी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. वो मन लगाकर बच्चों को पढ़ाती थीं, तो कुछ शिक्षक तंज कसते थे. कई बार पूरे स्टाफ ने मिलकर उनके खिलाफ शिकायतें भी कीं. हम ट्रांसफर की कोशिश करते रहे, लेकिन हो नहीं पाया.
यह भी पढ़ें: दिल्ली के साकेत कोर्ट में कोर्ट कर्मी की आत्महत्या, सुसाइड नोट में काम का दबाव बताया कारण
पति का आरोप है कि जब उमा वर्मा को फंदे पर लटका देखा गया, तो स्टाफ ने उन्हें समय रहते नीचे उतारकर इलाज के लिए नहीं पहुंचाया. अगर थोड़ी सी संवेदनशीलता दिखाई जाती तो शायद आज उमा जिंदा होतीं. घटना को लेकर मृतका के भाई ने कहा कि मेरी बहन पूरी निष्ठा से पढ़ाती थीं. स्टाफ तंज सकता था कि बड़ी पढ़ाने वाली हैं, अवॉर्ड चाहिए. कुछ शिक्षक पढ़ाई से मतलब ही नहीं रखते थे. और फांसी जिस कमरे में बताई जा रही है, उसका दरवाजा अंदर से बंद भी नहीं था. हमें पूरा मामला संदिग्ध लग रहा है.
परिजनों का आरोप है कि पुलिस को सूचना देने से पहले कमरे में रखी चीजों को व्यवस्थित किया गया. जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने कहा कि घटना अत्यंत दुखद है. पुलिस द्वारा सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही या कोई दोषी पाया जाता है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.
नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)
सैयद रेहान मुस्तफ़ा