लखनऊ में पकड़ा गया बांग्लादेशी नागरिक, फर्जी तरीके से बनवा रखा था इंडियन पासपोर्ट, चला रहा था क्लीनिक

लखनऊ के बीकेटी थाना एरिया में पुलिस ने गैर कानूनी तरीके से रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी अरूप बक्शी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए इंडियन आइडेंटिटी कार्ड और पासपोर्ट बनवा लिया था. वह यहां लंबे समय से रह रहा था. पुलिस ने उसके पास से आधार कार्ड, कैश और मोबाइल बरामद किया है.

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बांग्लादेश के नाराइल जिले का रहने वाला है आरोपी. (Photo: ANI) बांग्लादेश के नाराइल जिले का रहने वाला है आरोपी. (Photo: ANI)

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 21 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:50 AM IST

यूपी की राजधानी लखनऊ में अवैध रूप से रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी फर्जी दस्तावेजों के सहारे भारतीय पहचान पत्र और पासपोर्ट बनवाकर लंबे समय से भारत में रह रहा था. पुलिस ने आरोपी को बीकेटी थाना क्षेत्र से पकड़ा. यह मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं और आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है.

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एजेंसी के अनुसार, पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरूप बक्शी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बांग्लादेश के नाराइल जिले का रहने वाला है. आरोपी बीकेटी इलाके में लंबे समय से रह रहा था और वहां एक क्लीनिकनुमा दुकान में लोगों का इलाज करने का काम करता था. स्थानीय लोगों को इस बात की भनक तक नहीं थी कि वह विदेशी नागरिक है और अवैध रूप से भारत में रह रहा है.

पुलिस को आरोपी की गतिविधियों को लेकर सूचना मिली थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई. जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पहचान पत्र और पासपोर्ट बनवा रखा है. इसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए किसान पथ पर स्थित विपश्यना मेडिटेशन सेंटर फ्लाईओवर के पास से उसे पकड़ लिया.

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गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से एक आधार कार्ड, 300 रुपये कैश और एक मोबाइल बरामद किया है. पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अवैध तरीके से भारत में रह रहा था और फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर भारतीय पहचान पत्र बनवा लिया था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को फर्जी दस्तावेज बनवाने में किसने मदद की और उसके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं.

इस मामले में बीकेटी थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी और विदेशी अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. साथ ही उसके दस्तावेजों की जांच संबंधित एजेंसियों से भी कराई जा रही है. पुलिस को आशंका है कि आरोपी काफी समय से इलाके में रहकर अपनी पहचान छिपाए हुए था. अब यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपी किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ है या फिर अकेले ही इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहा था.

लखनऊ पुलिस मीडिया सेल की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि पुलिस और खुफिया एजेंसियां आरोपी के भारत आने, यहां रहने और फर्जी दस्तावेज हासिल करने के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई हैं.

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