उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में इन दिनों भीषण गर्मी, भयंकर लू और हीट वेव के चलते तापमान 48 डिग्री पार कर चुका है, जिससे पूरा शहर भट्ठी की तरह जल रहा है. इस जानलेवा गर्मी के कारण जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है, जहां दस्त, पेट दर्द, बुखार और डायरिया के लक्षणों वाले मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं. अस्पताल के वार्ड एकदम फुल होने की वजह से मरीजों को स्ट्रेचर और बेंच पर प्राथमिक इलाज दिया जा रहा है. अस्पताल प्रशासन रोजाना बढ़ रहे दो सैकड़ा मरीजों को भर्ती कर डॉक्टरों के माध्यम से उपचार मुहैया करा रहा है.
ओपीडी में रोजाना आ रहे एक हजार से ज्यादा मरीज
जिला अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त व्यवस्था की थी, लेकिन मरीजों की भारी तादाद के कारण सभी बेड फुल हो चुके हैं. पहले जहां अस्पताल में रोजाना 800 से 900 मरीज आते थे, वहीं अब प्रतिदिन एक हजार से 1100 और 1200 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं. वार्ड में बेड खाली होने के बाद स्ट्रेचर वाले मरीजों को वहां शिफ्ट किया जा रहा है.
पूरे एशिया में सबसे गर्म है बांदा, बच्चे-बुजुर्ग ज्यादा प्रभावित
अपर चिकित्सा अधीक्षक और ट्रामा सेंटर के प्रभारी डॉक्टर विनीत सचान ने बताया कि तापमान पिछले कई दिनों से 48 डिग्री पार होने के कारण बांदा पूरे एशिया में सबसे गर्म है. इस वजह से लू और डायरिया के मरीज सबसे ज्यादा बढ़े हैं, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हैं. मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल के वार्डों में एसी और कूलर लगाए गए हैं और कुछ अतिरिक्त वार्ड भी बनाए गए हैं.
डॉक्टरों ने की इस जानलेवा गर्मी से बचाव की अपील
भीषण परिस्थितियों को देखते हुए डॉक्टर विनीत सचान ने सभी लोगों से इस जानलेवा गर्मी में बचाव करने की अपील की है. डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर के समय घर से बिल्कुल बाहर न निकलें. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो पूरे शरीर को अच्छी तरह कवर करके ही जाएं. इसके अलावा ज्यादा तेल-मसालेदार चीजों को खाने से बचें, पानी ज्यादा पिएं और शरीर में कोई भी लक्षण दिखने पर तत्काल अस्पताल आकर इलाज कराएं.
सिद्धार्थ गुप्ता