उत्तर प्रदेश के बांदा में बेमौसम आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि ने रविवार देर शाम भारी तबाही मचा दी. इसी दौरान तिंदवारी थाना परिसर में बड़ा हादसा हो गया, जब थाना भवन की छत का पोर्च अचानक भरभराकर गिर पड़ा. इस घटना में दो दारोगा, एक सिपाही और दो फरियादी मलबे में दब गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
हादसे के तुरंत बाद पुलिस टीम ने राहत कार्य शुरू किया और मलबा हटाकर सभी घायलों को बाहर निकाला. पुलिस ने अपनी गाड़ी से सभी को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल मौके पर पहुंचे और थाना प्रभारी से पूरे मामले की जानकारी ली.
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एसपी ने घायलों को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए और राहत-बचाव कार्य की निगरानी की. अधिकारियों के अनुसार, सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, जिससे बड़ी जनहानि टल गई.
जनसुनवाई के दौरान हुआ हादसा
यह घटना तिंदवारी थाना क्षेत्र की है, जहां रविवार शाम अचानक तेज आंधी, बारिश और ओले गिरने लगे. उसी समय थाना परिसर में एसआई सुभाष जनसुनवाई कर रहे थे और दो बुजुर्ग फरियादियों की समस्याएं सुन रहे थे.
इस दौरान बगल में दारोगा शिवकरन और सिपाही राजन भी मौजूद थे. अचानक थाना भवन की ऊपर बनी छत का पोर्च गिर गया और वहां मौजूद सभी लोग मलबे के नीचे दब गए. घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और पुलिस टीम ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया.
पुलिसकर्मियों ने तेजी से मलबा हटाकर सभी घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है.
प्रशासन ने दिए जांच और मरम्मत के निर्देश
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बताया कि तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण थाना तिंदवारी के प्रशासनिक भवन का छज्जा आंशिक रूप से गिर गया. इससे जनसुनवाई कर रहे पुलिसकर्मियों और थाने पर आए बुजुर्ग दंपत्ति को मामूली चोटें आईं.
सभी घायलों को स्थानीय अस्पताल ले जाकर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया. अधिकारियों के अनुसार, सभी की चोटें सामान्य हैं और उनकी स्थिति ठीक है.
प्रशासन ने थाना परिसर के छज्जे की सुरक्षा और मरम्मत कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो.
सिद्धार्थ गुप्ता