EWS सर्टिफिकेट के लिए मांगी घूस, इंकार पर लेखपाल ने छात्र को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, Video

उत्तर प्रदेश के बांदा में EWS सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे छात्र की कथित तौर पर लेखपाल और उसके साथियों ने तहसील परिसर में जमकर पिटाई कर दी. छात्र ने 5 हजार रुपये की घूस न देने का आरोप लगाया है. मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में है. SDM ने बाहरी लोगों द्वारा हिंसा की बात कहते हुए जांच कमेटी गठित कर कार्रवाई का भरोसा दिया है.

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SDM ने कार्रवाई का भरोसा दिया है. (Photo: Siddhartha Gupta/ITG) SDM ने कार्रवाई का भरोसा दिया है. (Photo: Siddhartha Gupta/ITG)

सिद्धार्थ गुप्ता

  • बांदा,
  • 08 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 11:43 PM IST

उत्तर प्रदेश के बांदा की सदर तहसील में घूसखोरी और मारपीट का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां EWS सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे एक छात्र की कथित तौर पर लेखपाल और उसके साथियों ने बेरहमी से पिटाई कर दी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है. आरोप है कि 5 हजार रुपये की रिश्वत न देने पर छात्र को तहसील परिसर में दौड़ा-दौड़ा कर लात-घूंसों से पीटा गया.

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जानकारी के मुताबिक, पीड़ित छात्र निपुण मिश्रा जमालपुर गांव का रहने वाला है और प्रयागराज में रहकर One Day परीक्षाओं की तैयारी करता है. छात्र का कहना है कि उसे EWS प्रमाणपत्र के रिन्यूअल के लिए लेखपाल सुधीर यादव ने सदर तहसील बुलाया था. आरोप है कि तहसील पहुंचने पर लेखपाल ने 5 हजार रुपये की मांग की और पैसे न देने पर सर्टिफिकेट न बनाने की बात कही.

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छात्र ने बताया कि उसने अपनी आर्थिक स्थिति बताते हुए पैसे देने से मना कर दिया, जिसके बाद लेखपाल भड़क गया और कथित तौर पर तहसील परिसर में ही उसके साथ मारपीट शुरू कर दी.

तहसील परिसर में मारपीट और बंधक बनाने का आरोप

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पीड़ित का आरोप है कि लेखपाल ने उसे पटक-पटक कर पीटा और लात-घूंसों से हमला किया. किसी तरह जान बचाकर भागने के बाद उसने अपने पिता को सूचना दी. इसके बाद आरोप है कि उसे दोबारा पकड़कर नायब तहसीलदार के चेंबर में ले जाया गया, जहां बंद कमरे में फिर से मारपीट की गई.

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छात्र ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गालियां दी गईं. उसने कहा कि इस घटना से उसका हौसला टूट गया है और वह पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहा है. मामले में अधिकारियों के कैमरे के सामने आने से इनकार करने और मीडिया को धमकी दिए जाने के भी आरोप सामने आए हैं.

प्रशासन का बयान और जांच कमेटी गठित

मामले पर एसडीएम सदर नमन मेहता ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि तहसील बांदा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें कुछ बाहरी लोगों द्वारा तहसील परिसर में हिंसा किए जाने की बात सामने आई है.

उन्होंने बताया कि घटना की सत्यता और संबंधित लोगों की पहचान के लिए एसडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई है. प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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