लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर हुई एक मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की राजनीति, खासकर पूर्वांचल के सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है. जौनपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकला सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पहली बार औपचारिक मुलाकात की. इस बैठक में एमएलसी बृजेश सिंह 'प्रिंसू' भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस मुलाकात का समय तय कराया था.
मुलाकात के सियासी मायने
देर शाम हुई इस रणनीतिक बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 और पंचायत चुनावों को लेकर चर्चा होने की खबरें हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपचुनावों और भविष्य के समीकरणों को देखते हुए बीजेपी जौनपुर में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नए समीकरण साध रही है.
धनंजय सिंह का बैकग्राउंड और प्रभाव
यह मुलाकात इसलिए भी खास है क्योंकि श्रीकला सिंह, जौनपुर के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी हैं. धनंजय सिंह पूर्वांचल की राजनीति का एक ऐसा चेहरा हैं जिनका जौनपुर और आसपास के जिलों में जबरदस्त व्यक्तिगत प्रभाव रहा है.
2009 में वह बसपा से सांसद रहे और उनका नाम अक्सर 'बाहुबली' इमेज और राजनीतिक रसूख के लिए चर्चा में रहता है. हाल के लोकसभा चुनाव के समय धनंजय सिंह कानूनी विवादों और सजा के कारण सुर्खियों में रहे थे, जिसके बाद उनकी पत्नी श्रीकला ने चुनावी कमान संभाली थी.
पूर्वांचल की नई बिसात
बृजेश सिंह 'प्रिंसू' की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि धनंजय सिंह का खेमा अब सत्ता पक्ष के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश में है. जौनपुर में धनंजय सिंह का अपना एक ठोस वोट बैंक है, जो किसी भी चुनाव के नतीजे बदलने की ताकत रखता है. ऐसे में श्रीकला सिंह और सीएम योगी की यह मुलाकात पूर्वांचल की राजनीति में नए गठबंधन या रणनीतिक समझौते की ओर इशारा कर रही है.
आशीष श्रीवास्तव