उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पुलिस हिरासत में युवक की संदिग्ध मौत ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. थाना दोघट क्षेत्र की भड़ल चौकी में एक युवक की फंदे से लटकी लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. परिजन इसे आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बता रहे हैं, जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है.
पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है. मृतक की पहचान रोहित राणा के रूप में हुई है, जो दोघट क्षेत्र के निरपुड़ा गांव का रहने वाला था और मेरठ की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था.
यह भी पढ़ें: 10 दिन, 2 लाशें और कातिल फरार...बागपत से सहारनपुर तक इस खूनी खेल के पीछे कौन? विक्रांत और राखी की मर्डर मिस्ट्री
जानकारी के मुताबिक, क्षेत्र में हो रही नलकूप चोरी के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस उसे चौकी लेकर आई थी. बताया जा रहा है कि रोहित घटना वाले दिन ही अपने गांव लौटा था और कुछ ही घंटों बाद चौकी के एक कमरे में उसका शव फंदे से लटका मिला.
परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि पूछताछ के नाम पर रोहित के साथ मारपीट की गई और बाद में उसकी हत्या कर दी गई. मृतक की बहन सोनिया ने आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार को रोहित से मिलने नहीं दिया और जब शव जिला अस्पताल लाया गया तो पुलिसकर्मी उसे छोड़कर चले गए.
परिजनों का हंगामा और जनाक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में चौकी पहुंच गए और जमकर हंगामा किया. लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला और पुलिस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी. स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की.
परिवार का आरोप है कि रोहित के साथ हिरासत में मारपीट की गई और बाद में उसे फांसी देकर हत्या को आत्महत्या का रूप दिया गया. मृतक की बहन सोनिया ने कहा कि रोहित के साथ तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया था और पुलिस ने उन्हें बातचीत तक नहीं करने दी. उनका कहना है कि परिवार पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएगा.
दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक ने चौकी परिसर में आत्महत्या का प्रयास किया था. पुलिस का दावा है कि पूछताछ के बाद युवक को परिजनों के सुपुर्द करने के लिए उन्हें चौकी बुलाया गया था, लेकिन इसी दौरान युवक ने गले में गमछा बांधकर पंखे से लटककर आत्महत्या की कोशिश की.
पुलिस का पक्ष और कार्रवाई
एसपी बागपत सूरज राय के अनुसार, युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर चौकी प्रभारी और दो आरक्षियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
बढ़ते विवाद और जनाक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दे दिए हैं. पुलिस विभाग का कहना है कि जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
यह घटना पुलिस हिरासत में सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है. अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है.
एसपी बागपत सूरज राय ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है.
मनुदेव उपाध्याय