'पापा माफ कर देना, मैं पढ़ना चाहती थी', आखिरी खत और 8वीं की छात्रा ने यूं खत्म कर ली जिंदगी

बागपत जिले के निवाड़ा गांव में 8वीं कक्षा की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली, जिससे परिवार और गांव में शोक की लहर फैल गई. घटना से पहले छात्रा ने घर में सभी को चाय बनाकर पिलाई और फिर यह कहकर अपने कमरे में चली गई कि उसे नींद आ रही है. काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजन उसे देखने पहुंचे, लेकिन वह नहीं उठी.

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घटना से पहले छात्रा ने घर में सभी को चाय बनाकर पिलाई.(Photo: Representational) घटना से पहले छात्रा ने घर में सभी को चाय बनाकर पिलाई.(Photo: Representational)

मनुदेव उपाध्याय

  • बागपत,
  • 25 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:37 PM IST

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली. उसकी जेब से मिला सुसाइड नोट से परिवार और पूरा इलाके गहरे सदमे में आ गए. सुसाइड नोट में लिखे शब्द- 'पापा माफ कर देना... मैं पढ़ना चाहती थी' ने हर किसी को भावुक कर दिया और कई सवाल खड़े कर दिए.

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यह घटना बागपत कोतवाली क्षेत्र के निवाड़ा गांव की है. यहां रहने वाली 8वीं की छात्रा ने ऐसा कदम उठाया, जिसने परिवार के साथ-साथ पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया. सुसाइड नोट में छात्रा ने लिखा, 'पापा माफ कर देना... मैं पढ़ना चाहती थी, पर नहीं पढ़ने दिया... अब जीना नहीं चाहती.' इन शब्दों ने इस दर्दनाक फैसले के पीछे की पीड़ा को उजागर कर दिया.

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सबको चाय पिलाने के बाद कमरे में चली गई, फिर नहीं उठी

परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन छात्रा ने घर में सभी लोगों के लिए चाय बनाई और उन्हें अपने हाथों से चाय पिलाई. इसके बाद उसने कहा कि उसे नींद आ रही है और वह अपने कमरे में चली गई. परिवार वालों ने इसे सामान्य बात समझा, लेकिन करीब एक घंटे बाद जब उसे जगाने की कोशिश की गई, तो वह नहीं उठी.

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स्थिति को गंभीर देखते हुए परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. छात्रा की जेब से मिला सुसाइड नोट पूरे मामले का सबसे मार्मिक पहलू बन गया, जिसने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया.

सुसाइड नोट के शब्दों ने परिवार और समाज को किया भावुक

छात्रा के सुसाइड नोट में लिखा था, 'मैंने गलती की थी, मुझे अपनी गलती का पछतावा था. मैंने माफी मांगी, लेकिन किसी ने मेरी नहीं सुनी. मुझे पढ़ाई करनी थी, पर सबने मना कर दिया. इसलिए मैं जीना नहीं चाहती. पापा मुझे माफ कर देना.' इन शब्दों ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है.

जिला अस्पताल बागपत के सीएमएस डॉ. अनुराग वाष्णेय ने बताया कि बच्ची को अस्पताल लाया गया था, लेकिन वह पहले ही दम तोड़ चुकी थी. उन्होंने कहा कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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