उत्तर प्रदेश के बागपत में शुक्रवार को एक परिवार ट्रैक्टर समेत यमुना नदी में डूब गया. कुछ ही पलों में खुशियों भरा सफर चीख-पुकार में बदल गया. ट्रैक्टर नदी के भीतर बने गहरे गड्ढे में फंसकर पलट गया, जिससे उसमें सवार परिवार के सदस्य पानी में डूबने लगे. गनीमत रही कि ग्रामीणों की सूझबूझ और बहादुरी ने चार जिंदगियों को बचा लिया.
बदरखा गांव का रहने वाला गुफरान अपने दो बेटों और भाभी के साथ ट्रैक्टर से यमुना पार कर तरबूज की फसल देखने जा रहा था. किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में यह सफर खौफनाक बन जाएगा. यमुना के बीच पहुंचते ही ट्रैक्टर अचानक एक गहरे गड्ढे में फंस गया. इससे बैलेंस बिगड़ा और ट्रैक्टर पलटकर पानी में समा गया.
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ट्रैक्टर पलटते ही उसमें सवार दोनों मासूम बच्चे, गुफरान और उनकी भाभी गहरे पानी में डूबने लगे. अचानक मची चीख-पुकार से आसपास मौजूद लोगों का ध्यान गया. परिवार मदद के लिए चीख रहा था. शोर सुनते ही आसपास के ग्रामीण बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच गए. कई लोग तुरंत यमुना में कूद पड़े. कड़ी मशक्कत और बहादुरी से ग्रामीणों ने एक-एक कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
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इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रैक्टर पानी में डूबा हुआ है और ग्रामीण बच्चों को गोद में उठाकर बाहर ला रहे हैं. ग्रामीणों के साहस और इंसानियत की लोग सराहना कर रहे हैं.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यमुना में अवैध खनन के कारण कई गहरे और खतरनाक गड्ढे बन गए हैं. यही गड्ढे इस हादसे की मुख्य वजह बने. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को कई बार इसकी जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. फिलहाल, सभी लोग सुरक्षित हैं और किसी को गंभीर चोट नहीं आई है. लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यमुना में अवैध खनन और प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
मनुदेव उपाध्याय