Uttar Pradesh News: आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के गौरी गांव में सोमवार को कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे के विवाद में दो पूर्व प्रधानों के बीच जमकर खूनी संघर्ष हुआ. पूर्व प्रधान सिधारी के परिवार द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्य को जब दूसरे पूर्व प्रधान सफदर ने रोकने की कोशिश की, तो विवाद मारपीट में बदल गया.
गाली गलौज से भरे वायरल वीडियो में महिलाएं और पुरुष एक-दूसरे पर जूते-चप्पल और लात-घूंसे चलाते दिख रहे हैं. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह के अनुसार, दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था कायम है.
पंचायत के दौरान भड़की हिंसा
गौरी बस्ती में पूर्व प्रधान सिधारी द्वारा कब्रिस्तान की भूमि पर कथित रूप से मकान निर्माण कराया जा रहा था. बस्ती के लोगों ने इस पर आपत्ति जताते हुए पूर्व प्रधान सफदर को मौके पर बुलाया. जब सफदर ने पंचायत के माध्यम से निर्माण रोकने का अनुरोध किया, तो बात बिगड़ गई. आरोप है कि सिधारी और उनके परिजनों ने सफदर पर हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए. बता दें कि सफदर गंभीरपुर थाने के गैंगस्टर भी हैं और उन पर पहले से ही आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं.
पुरानी रंजिश और वर्चस्व की जंग
इस मारपीट के वायरल वीडियो में वर्तमान प्रधान गुफरान भी नजर आ रहे हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, वर्तमान प्रधान गुफरान और पूर्व प्रधान सफदर के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही है. गुफरान ने पूर्व में सफदर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा भी दर्ज कराया था. वहीं, सफदर का कहना है कि उन्होंने तहसील दिवस पर इस अवैध निर्माण की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें थाने बुलाया गया और वहीं उन पर योजनाबद्ध तरीके से हमला किया गया.
कार्रवाई और जांच
एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि विवाद की मुख्य वजह तुमन (सिधारी की पत्नी) द्वारा कब्रिस्तान के बगल में किया जा रहा निर्माण कार्य है. सफदर द्वारा इसे रोकने के प्रयास में ही दोनों गुटों के बीच झड़प हुई. पुलिस ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की पहचान कर रही है. दोनों पक्षों की शिकायतों को दर्ज कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी हिंसा न हो.
राजीव कुमार