उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है. यहां एक ही परिवार के तीन सदस्यों - पति, पत्नी और उनके महज 22 दिन के मासूम बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई.
मामला देवराकोट रेलवे फाटक के पास का है, जहां सबसे पहले पुलिस को एक महिला का शव रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा होने की सूचना मिली. मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव की जांच की तो उसके पास मिले मोबाइल फोन के जरिए उसकी पहचान गेरू गांव निवासी शिवानंद रावत की पत्नी के रूप में हुई. महिला का शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में मिला, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि उसने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी थी.
इस जानकारी के आधार पर पुलिस जब महिला के घर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद मिला. काफी देर तक आवाज देने के बाद भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया. अंदर का दृश्य और भी भयावह था. कमरे में महिला के पति और 22 दिन के बेटे का शव पड़ा हुआ था. पास ही एक हथौड़ा भी मिला, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई.
प्राथमिक जांच में पुलिस यह मानकर चल रही है कि महिला ने पहले अपने पति पर हथौड़े से हमला कर उसकी हत्या की, इसके बाद अपने मासूम बेटे का गला दबाकर उसे मार डाला और फिर खुद रेलवे ट्रैक पर जाकर आत्मघाती कदम उठा लिया. हालांकि, पुलिस अभी इस पूरे घटनाक्रम की हर एंगल से जांच कर रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों को खंगाल रही है.
घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा. फिलहाल पूरे मामले ने इलाके में दहशत और शोक का माहौल पैदा कर दिया है.
मयंक शुक्ला