प्रयागराज की विशेष पॉक्सो अदालत में आशुतोष ब्रह्मचारी ने एक नई अर्जी दाखिल कर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है. अर्जी में अदालत से निवेदन किया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को विदेश जाने से रोका जाए, उनका पासपोर्ट जब्त किया जाए और उनकी प्रस्तावित गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा पर भी रोक लगाई जाए.
अर्जी पर सुनवाई के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. मामले में जल्द ही निर्णय आने की संभावना जताई जा रही है.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने अदालत को बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौ यात्रा नाबालिग पीड़ित बटुकों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है. उनका आरोप है कि गौ यात्रा के बहाने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने स्थान को छोड़कर बाहर निकल गए हैं.
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ ठोस सबूत मौजूद हैं और इन साक्ष्यों के आधार पर वे कानून की पकड़ से बच नहीं सकेंगे. आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि अदालत ने उनकी अर्जी पर फैसला सुरक्षित कर लिया है और इस मामले में जल्द ही आदेश जारी किया जा सकता है.
'यात्रा के लिए नहीं ली गई वैध अनुमति'
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि यदि गौ हत्या के मुद्दे पर यात्रा निकालनी ही है तो इसे उन राज्यों में आयोजित किया जाना चाहिए जहां अभी भी गौ हत्या की अनुमति है, जैसे केरल, या फिर ऐसे प्रदेशों में जहां कांग्रेस या अन्य दलों की सरकारें हैं. उनका आरोप है कि वर्तमान में निकाली जा रही यात्रा को पुलिस की सुरक्षा मिल रही है, जबकि इसके लिए आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई है. ब्रह्मचारी का कहना है कि इस यात्रा के माध्यम से सरकार और पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस कराया जा सके.
ट्रेन में हुए हमले का भी किया जिक्र
आशुतोष ने अपने ऊपर ट्रेन में हुए कथित जानलेवा हमले का जिक्र किया. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भले ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद स्वाति अघोरी को पहचानने से इनकार कर रहे हों, लेकिन उसका संबंध उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी से बताया जा रहा है. ब्रह्मचारी के अनुसार जब कॉल विवरण सामने आएंगे तो पूरे मामले की सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी.
पंकज श्रीवास्तव