अमेठी: इंश्योरेंस के नाम पर 42 लाख की ठगी, जालसाजों ने ऐसे लगाया चूना कि उड़ गए होश

अमेठी में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. एक व्यक्ति को उसकी पुरानी इंश्योरेंस पॉलिसी का पैसा दिलाने के नाम पर जालसाजों ने करीब 42 लाख रुपये ठग लिए. पीड़ित ने सालों तक किश्तों में पैसे ट्रांसफर किए, लेकिन अंत में उसे सिर्फ धोखा मिला.

Advertisement
सांकेतिक फोटो सांकेतिक फोटो

aajtak.in

  • अमेठी ,
  • 17 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:40 PM IST

Uttar Pradesh News: अमेठी जिले के शुकुल बाजार थाना क्षेत्र के ब्योरेमहु गांव निवासी राम मिलन के साथ 42 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई. राहुल जैन नामक व्यक्ति ने वर्ष 2021 में फोन कर पीड़ित को उसकी पुरानी इंश्योरेंस पॉलिसी की रकम 25 लाख रुपये होने का झांसा दिया था.

आरोपी ने टैक्स और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर राम मिलन से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए. यह सिलसिला अगस्त 2025 तक चला, जिसके बाद आरोपी ने फोन बंद कर दिया. राम मिलन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

Advertisement

इंश्योरेंस एजेंट की मौत के बाद शुरू हुआ खेल

राम मिलन ने साल 2014 में दिल्ली की एक निजी कंपनी से इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदी थी. दो साल बाद एजेंट की मौत हो गई, जिससे उन्हें प्रीमियम जमा करने में दिक्कत होने लगी. साल 2021 में ठग ने इसी बात का फायदा उठाया. उसने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर पीड़ित का भरोसा जीता और भारी-भरकम मैच्योरिटी अमाउंट का लालच देकर टैक्स के नाम पर पैसे ऐंठने शुरू कर दिए.

RTGS के जरिए भेजे 42 लाख रुपये

पीड़ित ने बताया कि उसने सभी भुगतान RTGS के माध्यम से किए थे. आखिरी बार 6 अगस्त 2025 को 1.94 लाख रुपये भेजे गए. जब राम मिलन ने अपने पैसे मांगे, तो आरोपी पहले बीमारी का बहाना बनाता रहा और फिर अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया. पुलिस ने बताया कि आरोपी राहुल जैन के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश जारी है.

Advertisement

सावधान रहें, लालच में न आएं

अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि साइबर अपराध से बचने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं. उन्होंने जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है. अक्सर लोग जल्द पैसा कमाने या फंसी हुई रकम निकालने के चक्कर में अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई लुटा देते हैं. फिलहाल, साइबर सेल की मदद से आरोपी को ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement